नई दिल्ली: पिछले दिनों सरकार ने PF (प्रोविडेंट फंड) पर ब्याज दर बढ़ा दी थी. अब EPF पर 8.65 फीसदी ब्याद दर मिलती है. पीएफ को भविष्य निधि के रूप में देखा जाता है. साथ ही हर साल रिटर्न भी गारंटीड है. PF के लिए आपकी बेसिक सैलरी से 12 फीसदी कटता है. 12 फीसदी कंपनी की तरफ से भी दिया जाता है. हालांकी जो कंपनी जमा करती है उसमें 8.33 फीसदी EPS (पेंशन स्कीम) में जमा होता है, बाकी 3.67 फीसदी आपके PF अकाउंट में जमा होता है. आप चाहें तो PF में अपना कंट्रीब्यून बढ़ा भी सकते हैं. 

वॉलेंट्री PF ऑप्शन
इस ऑप्शन के तहत आप PF में अपना कंट्रीब्यूशन 12 फीसदी से बढ़ाकर 25-30 फीसदी तक कर सकते हैं. इस ऑप्‍शन के तहत आप अपनी बेसिक सैलरी का 100 फीसदी तक PF में कंट्रीब्‍यूशन बढ़ा सकते हैं. हालांकि, कंपनी भी अपना कंट्रीब्‍यूशन बढ़ाएं यह जरूरी नहीं है. इस तरह से आपको रिटायरमेंट के समय पीएफ के तौर पर ज्‍यादा पैसा मिलेगा. साथ ही इसका इनकम टैक्स में भी लाभ मिलता है.

कंपाउंडिंग का उठाएं फायदा
जब कंपनी बदलते हैं तो ज्यादातर लोग पुराने कंपनी के पीएफ का पैसा निकाल लेते हैं और नई कंपनी में नया पीएफ अकाउंट खुलता है. यह समझदारी भार फैसला नहीं होता है. अगर आप पीएफ निकालने की जगह ट्रांसफर करते हैं तो ज्यादा फायदा मिलेगा. अगर आप पीएफ अकाउंट का पैसा निकाल लेंगे तो नई कंपनी में नया पीएफ अकाउंट खुलेगा. इस तरह से आपके नए अकाउंट में नया कंट्रीब्‍यूशन शुरू होगा. इससे आपको कंपाउंडिंग इंट्रस्ट का बड़ा फायदा नहीं मिलेगा और पीएफ का पैसा तेजी से नहीं बढ़ेगा. वहीं, ट्रांसफर कराने से पुराने अकाउंट में ही कंट्रीब्‍यूशन जारी रहेगी. इससे आपका पीएफ फंड भी बना रहेगा ओर कंपाउंउिंग का फायदा भी मिलेगा.

आंशिक विदड्रॉल से बचें 
ईपीएफओ के मौजूदा नियमों के तहत आप घर खरीदने, बच्‍चो की शादी या एजुकेशन, और मेडिकल जरूरतों के लिए पीएफ अकाउंट से पैसा निकाल सकते हैं. लेकिन, अगर आप अपने पीएफ का पैसा बढ़ाना चाहते हैं तो आपको पीएफ अकाउंट से पैसा निकालने से बचना चाहिए. अगर संभव है तो आप लोन लेकर भी इन जरूरतों को पूरा कर सकते हैं. आजकल पर्सनल लोन या होम लोन या एजुकेशन लोन आसानी से मिल जाता है.