नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मीम बनाने के आरोप में 14 दिन की न्याययिक हिरासत में भेजी गई बीजेपी की नेता प्रियंका शर्मा को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को प्रियंका शर्मा को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने रिहाई के बाद प्रियंका शर्मा को लिखित में ममता बनर्जी से माफी मांगने को कहा है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या मीम (बनावटी फोटो) पोस्ट करने पर राजनीतिक दल के खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है. मामले की अगली सुनवाई जुलाई माह में होगी.

दरअसल, प्रियंका शर्मा के भाई राजीव शर्मा ने याचिका में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से दखल की मांग की थी और कोर्ट से दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी. दरअसल, बनावटी फोटो में ममता को मेट गाला इवेंट में एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा की लुक की तरह दिखाया गया था. 

ममता बनर्जी की बनावटी फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में पश्चिम बंगाल की महिला भाजपा नेता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.मामले में शुक्रवार को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी.इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में राजनीतिक जंग और तेज हो गई थी. इसके बाद उन्हें हावड़ा जिला पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था. दोनों दलों के बीच टकराव की आशंकाओं के मद्देनजर भी पुलिस पहले से ही अलर्ट है.आरोप है कि प्रियंका शर्मा ने ये बनावटी फोटो अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट की थी. प्रियंका शर्मा के फोटो पोस्ट करते ही सोशल मीडिया पर इसे शेयर किया जाने लगा था.इससे थोड़ी देर में ही ममता बनर्जी की मेट गाला अवतार में बनावटी फोटो राज्य में वायरल होने लगी थी.
टीएमसी कार्यकर्ताओं को जैसी ही इस फोटो के बारे में पता चला, हंगामा मच गया था. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दासनगर पुलिस थाना पुलिस ने तुरंत प्रियंका शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी.प्राथमिक जांच के बाद प्रियंका शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया था.साइबर क्राइम सेल पूरे मामले की जांच कर रही है.गौरतलब है कि प्रियंका चोपड़ा के मेट गाला अवतार को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी काफी खिंचाई की गई थी. फैंस ने प्रियंका चोपड़ा की इस फोटो को लेकर काफी नकारात्मक और मजाकिया कमेंट किए थे.