मुंबई । अमेरिका की ऑटोमोबाइल फर्म फोर्ड मोटर कंपनी अगले कुछ सालों में भारत में कई नई कारें लाएगी, जिनमें ज्यादातर एसयूवी होंगी। इसके लिए कंपनी ने अपने मिड-टर्म प्लान के तहत अगले 5-7 साल में भारत में 90 करोड़ से लेकर एक अरब डॉलर (करीब 70.24 अरब रुपये) तक के अतिरिक्त निवेश की बात की है। कंपनी ने यह घोषणा उस वक्त में की है, जब वह दुनिया के दूसरे देशों में बिजनेस रिस्ट्रक्चरिंग कर रही है या उनसे बाहर निकल रही है। भारत में अभी निवेश बढ़ाने का फोर्ड का फैसला इसकारण भी हैरान करता है, क्योंकि वित्तवर्ष 2019 में यहां पैसेंजर वीइकल मार्केट की ग्रोथ कई साल के निचले स्तर पर पहुंच गई थी।
सूत्रों ने बताया कि फोर्ड कम से कम 50 करोड़ डॉलर का निवेश कुछ नई एसयूवी में करेगा। इन्हें फोर्ड के भारतीय प्रॉडक्ट डिवेलपमेंट सेंटर में तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के साथ पार्टनरशिप में चल रहे 'प्रोजेक्ट ब्लैक' के लिए 40-50 करोड़ डॉलर का इनवेस्टमेंट कर सकती है। इसके लिए अमेरिकी कंपनी ने ट्विन ट्रैक अप्रोच अपनाई है। इसका मतलब यह है कि कुछ प्रॉडक्ट्स वह खुद डिवेलप करेगी और कुछ को एमएंडएम के साथ मिलकर बनाएगी। इसमें वह आधी से अधिक रकम इंडिपेंडेंट रूप में अपने प्रॉडक्ट्स तैयार करने की खातिर लगाएगी। बाकी का पैसा वह एमएंडएम के साथ मिलकर गाड़ियां डिवेलप करने में लगाएगी। दो नई एसयूवी (जिन्हें फिलहाल बीएक्स 744 और बीएक्स 745 का नाम दिया गया है) को बिना महिंद्रा की मदद के तैयार किया जा रहा है। फोर्ड इन्हें 2021 या 2022 तक लांच कर सकता है। जानकारी हैं कि 744 को खासतौर पर भारत के लिए तैयार किया जा रहा है। यह 4 मीटर से छोटी एसयूवी है। 745 को चीन, ब्राजील, भारत के साथ अन्य इमर्जिंग मार्केट्स में उतारा जाएगा। बीएक्स 745 से फोर्ड ने ह्यूंदै क्रेटा और रेनॉ डस्टर जैसी गाड़ियों को टक्कर देने की रणनीति बनाई है।