बिलासपुर । शिक्षा विभाग की ओर से विकास खण्ड स्तरीय तीन दिवसीय समर केम्प का समापन डॉ.एम.एल.पटेल विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कोटा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ पटेल द्वारा शिविर स्थल में लगे प्रदर्शनी में चित्रकला, मेहंदी कला, कबाड़ से जुगाड़, क्लॉथ वर्वâ, पेपर क्राफ्ट व मृदा कला का अवलोकन किया गया।शिविर में उपस्थित प्रतिभागी छात्रों को कहा कि आप सभी इस भीषण गर्मी में सीखने की चाह लिये केम्प का हिस्सा बने और अपने अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने के लिये सराहनीय प्रयास किये, सुविधादाता शिक्षकों के साथ मिलकर बेहतर प्रदर्शन किया है।
यह सर्व विदित है, कि बच्चों में सीखने की अपार संभावनाएं निहित होती है,आवश्यकता है तो सिर्पâ सही दिशा देने वाले पथ प्रदर्शक की , जो कि हमारे सामने  गुरुजन होते हैं। डॉ पटेल शिविरार्थी बच्चों द्वारा निर्मित वस्तुओं को देखकर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कैम्प में आपने जो भी कला सीखा है, उसे निरन्तर बनाये रखें, जिससे  सृजनात्मकता का सतत रूप से विकास हो सके। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ पटेल ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार छात्रों के संज्ञानात्मक क्षेत्र को सुदृढ करने के साथ ही सह - संज्ञानात्मक क्षेत्र को भी सबल करने के उद्देश्य ग्रीष्मकालीन केम्प का आयोजन किया गया , जो बेहद अनिवार्य था, ताकि बच्चे शिक्षा की मूलधारा से जुड़े रहते हुए सर्वांगीण विकास में अपनी अहम भूमिका निभा सके। समर केम्प में बच्चों ने अलग-अलग विधा में निपुण प्रशिक्षकों से विभिन्न कला सीखे हैं। जो लाभकारी साबित होगा। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी को शुभकानाएं दी। केम्प प्रभारी प्रदीप चाण्डक ने बताया कि नगर के शा. कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलगहना में विकास खण्ड स्तरीय समर केम्प का द्वितीय चरण ३ दिनों का रहा , जहां पर बच्चे मन में सीखने की ललक लिये बच्चे प्रात: ६:३० बजे अपने शिक्षक के साथ केम्प में शामिल होने पहुंच जाते थे। यहां पर बच्चों के सह संज्ञानात्मक क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए उनके अन्दर छुपी प्रतिभा को निखारने  का कार्य किया गया, जिसका  मुख्य उद्देश्य हाल ही में हुए राज्य स्तरीय आंकलन कक्षा पहली से आठवीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को उनके पाठ्यक्रम से जोड़े रखना, साथ ही ग्रीष्मावकाश का सदुपयोग कर पाना रहा है। इस शिविर में ४ संकुल  डोंगरीपारा, बेलगहना, मिञ्ूनवागाँव व टेंगनमाड़ा के शिक्षक व बच्चे शामिल हुए। शिक्षकों ने बच्चों को केम्प तक अपने साथ लाने व सकुशल ले जाने का दायित्व बखूबी निभाया। सहायक विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी असगर खान ने भी संबोधित किया। इस ३ दिवसीय विशेष समर केम्प में संकुल के स्थानीय ऐसे शिक्षक जो विभिन्न विधाओं में पारंगत हैं , उनके द्वारा केम्प में शामिल होने वाले बच्चे व शिक्षकों को रुचि अनुसार चित्रकला, पेपर क्राफ्ट, क्लॉथ वर्वâ, पेंटिंग, गायन-वादन, मृदा कला, कबाड़ से जुगाड़, मेहंदी, शतरंज आदि सिखाया। शिविर में शामिल सभी ४ संकुल  डोंगरीपारा, बेलगहना, मिठ्ठुनवागॉव व टेंगनमाडा के बच्चों व शिक्षकों का विशेष योगदान रहा है। सभी के द्वारा अनुशासित होकर केम्प के सफल संचालन में आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। वर्तमान समय को दृष्टिगत रखते हुए बौद्धिक, शारीरिक, व मानसिक विकास पर जोर देते हुए हर दिन प्रात: ६:३० बजे से ७:३० बजे तक योगाभ्यास व मार्शल आर्ट कराया गया। योग का प्रारम्भ यौगिक प्रार्थना एवं समापन संकल्प तथा शांति पाठ से प्रतिदिन कराया गया, पश्चात मार्शल आर्ट कराया गया। केम्प के संयोजक संजय रजक ने सभी ४ संकुल से शामिल हुए १२० बच्चों व विभिन्न शालाओं से आये शिक्षकों के द्वारा केम्प अनुशासन के साथ केम्प में बच्चों द्वारा किये गए गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि केम्प में पंजीकृत हुए बच्चों में भीषण गर्मी के बावजूद भी उत्साह देखने को मिला। शिविर समापन के अवसर पर सभी पंजीकृत बच्चों व शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ पटेल ,सुश्री कल्पना खरे प्राचार्य कन्या उच्चतर  माध्यमिक विद्यालय बेलगहना, सहा. विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी असगर खान द्वारा वितरण किया गया। समापन कार्यक्रम में व्यवस्थापक द्वय काशीराम साहू, संतोष श्रीवास ने बताया कि जनसहयोग से शिविर में स्वल्पाहार स्वरूप अंकुरित अनाज गुड़ व शिविर हेतु आवश्यक सामग्री व्यवस्था किया गया। सुविधादाता शिक्षक के रूप में विजय गुप्ता, सुरेश गुप्ता, वेद राम उइके, श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय,श्रीमती कल्पना गुप्ता, श्रीमती शकुन्तला पटेल, श्रीमती मंजू सिंह ठाकुर, श्रीमती आरती सोनी,नारायण नायक, गजराज सिंह पैकरा, उदय सिंह पैकरा, संतोष सिंह पैकरा, योग प्रशिक्षक महेंद्र पटेल पटेल-योग स्नाकेत्तर, मार्शल आर्ट कला के अंजली रात्रे शिवानी गुप्ता कोटा , मृदा कला आचार्य सरस्वती शिशु मंदिर -सत्यनारायण पटेल, नरेंद्र यादव, श्रीमती श्वेता तिवारी का सहयोग रहा।इस अवसर पर प्रदीप पांडेय, सरोज अग्रहरि, मनी राम उईके, श्रीमती प्रीति शुक्ला धनीराम उईके, संतोष यादव, नारायण नायक, अजय डहरीया, श्रीमती लता डहरिया, अशोक पैकरा, राजेन्द्र कुमार यादव, शैलेष सिंह पैकरा, सेवक राम, बधु सिंह पैकरा, एस पी गढ़ेवाल, सहारू पोर्ते बड़ी संख्या में शिक्षक व बच्चे उपस्थित रहे। शिविर में अमित अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा। समापन कार्यक्रम का सफल संचालन डोंगरीपारा संकुल प्रभारी सूर्यकान्त बाजपेयी द्वारा किया गया।