मेलर्बन । हाल में भारत और पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत से उत्साहित आस्ट्रेलियाई टीम अब एक बार फिर विश्व कप जीतने पूरी ताकत लगा देगी। पिछले साल गेंद से छेड़छाड़ मामले के बाद हुए विवाद के कारण टीम कमजोर हो गयी थी पर अब प्रमुख खिलाड़ियों डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ की वापसी के बाद से टीम एक बार फिर मजबूत हुई है। टीम ने ब्रिसबेन में अपना विश्व कप अभ्यास शिविर समाप्त किया। आरोन फिंच की अगुवाई वाली टीम 14 जुलाई को लॉर्ड्स पर अपना छठा खिताब जीत ले। वॉर्नर ने एक साल की वापसी के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलते हुए करीब 700 रन जुटाए और उन्होंने विश्व कप के लिए प्रतिद्वंद्वी गेंदबाजों को चेतावनी जारी कर दी।
दूसरी ओर स्टीव स्मिथ वॉर्नर की तरह का प्रदर्शन नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने भी हाल में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी पुरानी फॉर्म की झलक दी। आईपीएल के अंतिम हिस्से में फॉर्म हासिल करने वाले स्मिथ ने न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 89 और 91 रन की पारियां खेलीं। ये दोनों खिलाड़ी केप टाउन में गेंद से छेड़छाड़ की घटना की भरपाई करने के लिए विश्व कप के बड़े मंच का इस्तेमाल करेंगे। यह देखना होगा कि वॉर्नर को बल्लेबाजी में अपना ओपनर का स्थान मिलेगा या नहीं या फिर वह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। 104 एकदिवसीय पारियों में केवल एक बार ही वह सलामी बल्लेबाज के तौर पर नहीं उतरे हैं। प्रतिभा की गहराई को देखते हुए चयनकर्ताओं को 15 सदस्यीय टीम चुनने में कई कड़े फैसले लेने पड़े। टीम में फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज पीटर हैंड्सकोंब, तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड नहीं हैं, जबकि डार्सी शॉर्ट, केन रिचर्डसन, एश्टन टर्नर और मैथ्यू वेड को भी जगह नहीं मिली।