लोकसभा चुनाव में शीर्ष दो प्रत्याशियों को छोड़कर बेशक बाकी सभी की जमानत जब्त हो गई है। निर्दलीय उम्मीदवारों की बात करें तो जूते के चुनाव चिह्न वाले सलीम दीन और फूलगोभी के चुनाव चिह्न वाले दीपक को उम्मीद से अधिक मत मिले। सलीम के जूते का निशान, दुष्यंत चौटाला की चप्पल के निशान के बगल में था। सलीम को 6339 वोट मिले हैं।

वहीं, एक अन्य फूल गोभी के चुनाव चिह्न वाले निर्दलीय उम्मीदवार दीपक को 5867 वोट मिले। उनकी फूल गोभी का निशान, भाजपा प्रत्याशी बृजेंद्र ङ्क्षसह के चुनाव चिह्न कमल के फूल के बिल्कुल सामने था। ऐसे में परिणाम जारी होने के बाद लोग दोनों प्रत्याशियों के चुनाव निशान और उन्हें मिले मतों को लेकर बातें बनाते दिखे। इससे पहले चुनाव चिह्न मिलने के बाद दुष्यंत चौटाला ने ईवीएम में उनके सामने आने वाले प्रत्याशी सलीम को जूते का निशान देने पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग को भी शिकायत दी थी।

एक ईवीएम में होते हैं 16 प्रत्याशियों के नाम, इसलिए आमने-सामने आए

 

एक ईवीएम में 16 प्रत्याशियों के नाम और उनके चुनाव निशान होते हैं। हिसार लोकसभा चुनाव में 26 प्रत्याशी थे। ऐसे में 2 ईवीएम साथ-साथ लगाई गई थी। दुष्यंत चौटाला 8वें और सलीम दीन 24 वें थे। ऐसे में दोनों ईवीएमएम साथ-साथ रखने पर दोनों एक-दूसरे के सामने हो गए। इसी प्रकार, भाजपा प्रत्याशी बृजेंद सिंह का कमल के फूल का निशान पहले नंबर पर था और निर्दलीय दीपक का निशान फूल गोभी 17वें पर। ऐसे में दीपक का फूल गोभी का निशान दूसरी ईवीएम मशीन पर बृजेंद्र के कमल के फूल के निशान के सामने आ गया।

2957 वोटों के साथ नोटा ने 16 प्रत्याशियों को पीछे छोड़ा

हिसार। लोकसभा चुनाव में नोटा (नन ऑफ द अबव) यानी इनमें से कोई भी नहीं का बटन दबाने वाले लोगों की संख्या भी कम नहीं है। नोटा को कुल 2957 वोट मिले हैं। नोटा को मिले ये वोट 16 अन्य प्रत्याशियों को मिले मतों से ज्यादा हैं। यानी जमानत जब्त करवाने वाले उम्मीदवारों में से 16 को तो नोटा ने ही पीछे छोड़ दिया है। नोटा को ईवीएम से 2927 और पोस्टल बेलेट से 30 मत मिले। सबसे कम वोट प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के शशि भारत भूषण को 417 वोट मिले हैं।