गर्मी के मौसम में पर्याप्त पानी  का सेवन सबसे जरुरी है। आम दिनों में दिन भर में दस से 12 गिलास पानी का सेवन करना चाहिये जबकि गर्मी में यह मात्रा जरुरत के अनुसार और बढ़ा दें। इसका कारण है कि गर्मी के मौसम में शरीर की पानी की जरूरत काफी हद तक बढ़ जाती है। इस मौसम में पसीने के रूप में काफी सारा पानी बाहर निकल जाता है। अगर इस मौसम में आप पर्याप्त पानी नहीं पीयेंगे तो इससे आपको डिहाइडेशन (निर्जलीकरण) की समस्या का सामना करना पड़ता है। इससे आपको कमजोरी, चक्कर आने और आंखों के सामने अंधेरा छा जाने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 
होममेड ओआरएस
डिहाइडेशन की समस्या से निजात पाने के लिए ओआरएस सबसे बेहतर उपाय है। अगर आप चाहें तो घर पर भी इसे तैयार कर सकते हैं। इसे बनाने के लिए आप आधा चम्मच नमक में छह चम्मच चीनी और चार कप पानी मिलाएं। अब आप इसे आराम से मिलाएं ताकि चीनी और नमक अच्छी तरह घुल जाए। इस ओआरएस का सेवन आप दिन में कई बार करें।
केले का सेवन करें 
डिहाइडेशन होने का एक मुख्य कारण शरीर में पोटेशियम की कमी भी होती है। वहीं केले में पोटेशियम उच्च मात्रा में पाया जाता है। इस तरह आप दिन में दो केले अवश्य खायें। इससे आपको निर्जलीकरण से आराम तो होगा ही, साथ ही डिहाइडेशन होने की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
दही
अगर आपको उल्टी या दस्त के कारण शरीर में डिहाइडेशन हुआ है तो आप दही का सेवन करें। इससे आपको इलेक्टोलाइटस तो मिलेंगे ही, साथ ही यह आपके पाचन तंत्र को भी आराम पहुंचाएगा। इसलिए दिन में कई बार खाएं। आप चाहें तो उबले हुए चावलों में भी दही व हल्का सा नमक मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।
छाछ आएगी काम
छाछ एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक होने के साथ−साथ पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज तत्वों से युक्त है। गर्मी में जब आपके शरीर से पसीना निकलता है तो उससे पानी ही नहीं निकलता, बल्कि इससे शरीर के खनिज तत्व भी बाहर निकल जाते हैं। वहीं अगर आप छाछ का सेवन करते हैं तो इससे वह सभी खनिज बॉडी में रिस्टोर होते हैं। इसके सेवन के लिए आप एक कप छाछ में आधा चम्मच डाई अदरक मिक्स करें। अब आप इस रिफ्रेशिंग डिंक का सेवन करें। 
फलों व सब्जियों का सेवन
निर्जलीकरण होने पर शरीर में पानी के साथ−साथ मिनरल्स को रिस्टोर करने का आसान तरीका है कि आप उन फलों व सब्जियों का सेवन अधिकाधिक करें, जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो। इस तरह के फलों व सब्जियों से आपके शरीर में पानी का स्तर तो बनता है ही, साथ ही इससे आपको नमक, खनिज, शुगर व अन्य पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।