सूरत. 22 निर्दोष बच्चों की मौत के मामले में क्राइम ब्रांच ने दो बिल्डर्स की धरपकड़ की है। उनसे हुई पूछताछ में महानगरपालिका के कई रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में जानकारी मिली है। उधर, पालिका कमिश्नर ने वराछा जोन के पूर्व डिप्टी इंजीनियर और बहरहाल उधना जोन में कार्यरत डिप्टी सिविल इंजीनियर वीनू के परमार को सस्पेंड कर दिया है।


क्लासेस संचालक की धरपकड़ पहले ही हो चुकी है
सरथाणा टोल नाके के पास तक्षशिला आर्केड बिल्डिंग में 24 मई की दोपहर तीन बजे लगी आग में 22 विद्यार्थियों की मौत हुई है। इस संबंध में दो बिल्डर्स हरसुल वेकरिया और जिग्नेश सवजी पाघडाण और ड्राइंग क्लासेस के भार्गव मनसुख बुटानी के खिलाफ आईपीएस की धारा 304,308 और  114 के तहत सरथाणा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। इसकी जांच क्राइम ब्रांच के एसीपी आर.आर.सरवैया को सौंपी गई थी। इसमें से भार्गव बुटानी की धरपकड़ पहले दिन ही हो गई थी। रविवार की शाम को शेष दो बिल्डर्स की धरपकड़ की गई।


जिम्मेदारों के खिलाफ आक्रोश
पुलिस की इस कार्रवाई से अभिभावन असंतुष्ट हैं, उनका कहना है कि इसके पीछे वास्तव में जो जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। अरेस्ट किए गए बिल्डर्स ने किस अधिकारी को कितनी रिश्वत दी‌? कब दी? इस रिश्वत के बदले में उन्होंने क्या गलत काम किया? इम्पेक्ट फीस ली गई, तो उसका सदुपयोग क्यों नहीं किया गया? इस तरह के अनेक सवालों का जवाब पुलिस बिल्डर्स से पूछताछ के दौरान प्राप्त करेगी। जांच अधिकारी ने इस दिशा में अब तक 17 लोगों के बयान लिए हैं। इसमें घायल विद्यार्थियों के अलावा आसपास के दुकानदार भी शामिल हैं।


फायर विभाग के दो अधिकारी सस्पेंड
आग की इस घटना के संबंध में फायर विभाग के दो अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। इसके अलावा पालिका कमिश्नर ने सिविल इंजीनियर वीनू के परमार को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इन्होंने तक्षशिला आर्केड के सम्पत्ति सर्टिफिकेट ऑफ रेग्युलेशन और इम्पेक्ट फीस की मंजूरी दी थी। 2013 में ही इम्पेक्ट फीस भरने का आदेश दे दिया गया था। तब तीसरी मंजिल तक ही काम हुआ था। परंतु 2015 में सीओआर देते समय चौथी मंजिल का निर्माण कार्य हो चुका था। उस दौरान उन्होंने साइट का दौरा भी किया था, यदि उस समय ही इन्होंने अवैध निर्माण कार्य पर आपत्ति उठाई होती, तो यह हादसा नहीं होता। इसीलिए उन्हें सस्पेंड किया गया।


जांच अच्छे से हो, इसलिए कई तबादले
तक्षशिला आर्केड में आग की घटना के बाद शहर में अवैध रूप से बने डोम और स्टक्चर तोड़ने का काम शुरू हो गया है। इस दौरान म्युनिसिपल कमिश्नर ने 9 जूनियर इंजीनियर और दो असिस्टेंअ इंजीनियर का तबादला कर दिया है। ताकि जांच में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो।