बिलासपुर. बहतराई स्टेडियम के निर्माण में मिलीभगत का खेल चल रहा है। 11 साल में भी स्टेडियम अधूरा है। किसी तरह 6 महीने लेट से बन पाया हॉकी मैदान किसी काम का नहीं है। मैदान के बाहर खिलाड़ियों, अतिथियों और दर्शकों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। आम जनता और खिलाड़ियों के साथ खेल विभाग और पीडब्ल्यूडी के अफसर कैसा मजाक कर रहे हैं? 4.39 करोड़ से बने इस हॉकी मैदान का निर्माण कार्य 2017 में शुरू हुआ।

पीडब्ल्यूडी के अफसर बोले- सिर्फ मैदान बनाना था, पवेलियन और फ्लड लाइट की बात नहीं हुई

  1.  

    पीडब्ल्यूडी ने अप्रैल 2018 में मैदान तैयार करके देने की बात कही थी। छह महीने देर यानी अगस्त में किसी तरह पूरा भी कर पाए तो फिर एक अड़चन आ गई। गोल पोस्ट गलत ढंग से लगा दिया था। दोबारा गोल पोस्ट लगाने में चार महीने लग गए। मैदान में अभी इंटरनेशनल मैच नहीं हो पाएंगे। यूं कहें तो नेशनल मैच भी होना मुश्किल दिख रहे हैं। क्योंकि न तो पवेलियन बना है और न ही फ्लड लाइट लगाई गई है। मुकाबले रात में नहीं हो पाएंगे। आखिर किस हिसाब से हॉकी मैदान बनाया गया है? 

     

  2.  

    पीडब्ल्यूडी के अफसर कहते हैं कि खेल विभाग ने हमें सिर्फ हॉकी मैदान बनाने कहा था। पवेलियन व फ्लड लाइट लगाने की बात ही नहीं हुई थी। इधर खेल विभाग की डॉयरेक्टर श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा का कहना है मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। दो महीने पहले ही मैं यहां आई हूं, लेकिन गैलरी व लाइट तो होनी चाहिए। अब जिम्मेदार कहने लगे हैं कि ये स्टेडियम ट्रेनिंग सेंटर के हिसाब से बनाया गया है। यहां खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा। ये अजीब मजाक है कि चार करोड़ 39 लाख से बनाया गया मैदान सिर्फ खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए है। 

     

  3. करोड़ों का सब स्टेशन पर बिजली नहीं 

     

    स्टेडियम में बिजली का सब स्टेशन बना है। इसे 2014 में करोड़ों खर्च कर बनाया गया था, लेकिन यहां बिजली नहीं है। बिजली के लिए आयोजक को पहले ही एक लाख रुपए जमा करने पड़ते हैं। रीडिंग के हिसाब से जितनी बिजली जलती है उतने रुपए ही लिए जाते हैं। निर्माण कार्य में जो बिजली खर्च हो रही है, उसका भुगतान ठेकेदार करते हैं। इन्होंने अपना मीटर अलग से लगा रखा है। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि हैंडओवर के बाद खेल विभाग बिजली की व्यवस्था करेगा। 

     

  4. कुछ कामों की स्वीकृति नहीं मिली है 

     

    खबर प्रकाशित होने के बाद बुधवार को पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर एके मंधान बहतराई में चल रहे कामों को देखने पहुंचे। स्टेडियम क्यों तैयार नहीं हो पा रहा है? यह पूछने पर उन्होंने कहा कि काम चल रहा है। उम्मीद है कि दो महीने में स्टेडियम तैयार हो जाएगा। कुछ कामों में ज्यादा पैसे लग रहे हैं। खेल विभाग से इनकी स्वीकृति भी नहीं मिली है। टेंडर में लेटलतीफी भी लेट का कारण है। पवेलियन और फ्लड लाइट लगवाने के लिए हमें कहा ही नहीं गया है।