कई बार देखा गया है कि ग्रहों के अनुकूल न होने स शादीशुदा जीवन बेहद निराशाजनक रहता है और पति पत्नी के बीच हमेशा अनबन रहती है। अगर आपका भी अपनी पत्नी के साथ अक्सर झगड़ा होता रहता है तो शुक्र प्रदोष का व्रत आपके जीवन की इन समस्याओं को हल कर सकता है। शुक्र प्रदोष का व्रत और उसकी महिमा।
शुक्र प्रदोष व्रत का महत्व
शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत भगवान शिव की विशेष कृपा पाने का दिन है। जो प्रदोष व्रत शुक्रवार के दिन पड़ता है उसे शुक्र प्रदोष कहा जाता है। मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति शुक्र प्रदोष का व्रत रखता है उसकी मनोकामनाएं जल्दी पूरी हो जाती हैं। हर महीने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है।
शुक्र प्रदोष व्रत का शुभ मुर्हूत
किसी भी प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम के समय सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक की जाती है। शुक्र प्रदोष का व्रत करके दाम्पत्य जीवन की खटपट हमेशा के लिए खत्म की जा सकती है।
ऐसे करें शुक्र प्रदोष व्रत-
शुक्र प्रदोष के दिन सूर्य उदय होने से पहले उठें।
नहा धोकर साफ हल्के सफेद या गुलाबी कपड़े पहनें। 
सारा दिन भगवान शिव के मन्त्र ॐ नमः शिवाय मन ही मन जाप करते रहे और निराहार रहें।
शाम के समय प्रदोष काल मे भगवान शिव को पंचामृत (दूध दही घी शहद और शक्कर) से स्नान कराएं उसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराकर रोली मौली चावल धूप दीप से पूजन करें।
साबुत चावल की खीर/इलायची और फल भगवान शिव को अर्पण करें।
आसन पर बैठकर ॐ नमः शिवाय या पंचाक्षरी स्तोत्र का पाठ करें।
शुक्र प्रदोष के व्रत में कुछ रखें सावधानियां और नियम-
घर में और घर के मंदिर में साफ सफाई का ध्यान रखें।
साफ-सुथरे कपड़े पहन कर ही भगवान शिव की पूजा करें।
पत्नी के साथ सम्मान पूर्वक बात करें।
सारे व्रत विधान में अपने आप को भगवान शिव को समर्पण कर दें।
विवाह में देरी पर करें ये उपाय
शुक्र धन-धान्य सुख समृद्धि और भोग विलास का कारक होने के साथ साथ विवाह का कारक भी माना जाता है।
जीवन में शुक्र से संबंधित सभी समस्याओं को हल करने के लिए शुक्र प्रदोष व्रत में भगवान शिव और शुक्र की पूजा करें।
27 लाल गुलाब के फूलों को गुलाबी धागे में पिरोए और मन की इच्छा बोलते हुए यह माला प्रदोष काल मे शिवलिंग पर अर्पित करें। 
जिस पुरुष के विवाह में दिक्कत आ रही हो वह शुक्र प्रदोष के दिन शाम के समय भगवान शिव को कच्चे दूध से स्नान कराएं और गुलाब का इत्र अर्पण करें। इससे विवाह की चिंता खत्म होगी।
जिस किसी को भी शुक्र से संबंधित कोई रोग हो तो वह सफेद चंदन का लेप शुक्र प्रदोष के दिन शाम के समय भगवान शिव पर करें।