इन्दौर । ज्ञात-अज्ञात दिवंगतों की अस्थियों का शास्त्रोक्त विधि से देश की पवित्र नदियों में विसर्जन करना वास्तव में एक पुण्य कार्य है। भारतीय संस्कृति के अनुरूप इस निस्वार्थ सेवा कार्य का प्रभाव पूरे ब्रम्हाण्ड पर होता है। दिवंगतों की आत्मशांति के लिए इस तरह के अनुष्ठान अन्य संगठनों के लिए भी प्रेरणा और ऊर्जा देने वाले साबित होना चाहिए। 
सांसद शंकर लालवानी ने आज शाम राजवाड़ा स्थित देवी अहिल्या उद्यान पर श्रद्धा सुमन सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित अस्थि कलश पूजन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उक्त प्रेरक विचार व्यक्त किए। महामंडलेश्वर संत दादू महाराज, अखंड धाम के महामंडलेश्वर डाॅ. स्वामी चेतन स्वरूप, छावनी रामद्वारा के संत रामस्वरूप रामस्नेही एवं चित्रकूट के महामंडलेश्वर स्वामी प्रभुतानंद के सान्निध्य में इस अवसर पर आचार्य पं. दयाराम शर्मा के निर्देशन में 300 से अधिक ज्ञात-अज्ञात दिवंगतों के अस्थि कलश का पूजन कर यज्ञ-हवन भी किया गया। प्रारंभ में समिति के संस्थापक अध्यक्ष मोहनलाल सोनी, संयोजक हरि अग्रवाल, राजेंद्र गर्ग, डाॅ. चेतन सेठिया, बंटी गोयल, विनय जैन, प्रेमस्वरूप खंडेलवाल, मुरलीधर धामानी, श्याम अग्रवाल जिंसी, ओमप्रकाश नरेड़ा, राजेश कुंजीलाल गोयल, राजेंद्र कूलवाल आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। यज्ञ-हवन मंे लता-राजेंद्र सोनी, रानी-डाॅ. चेतन सेठिया, जगमोहन वर्मा, मुरारीलाल माहेश्वरी, नीलेश मंगल, राजकुमारी मिश्रा, सुश्री किरण ओझा, मीनाक्षी दीनशा तथा अन्य सभी अतिथियों ने भी आहुतियां समर्पित की। इस अवसर पर सांई भक्त रज्जू पंचोली, कैलाशचंद्र खंडेलवाल, हनुमानप्रसाद सारडीवाल, उमेश पुरोहित, आशीष जैन, माणकचंद पोरवाल, पुष्पा यादव, वर्षा जैन सहित अनेक सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। संचालन राजेंद्र सोनी ने किया और आभार माना हरि अग्रवाल ने। 
यह अस्थि कलश 8 जून को समिति के 16 कार्यकर्ता प्रातः 10 बजे खंडवा होते हुए प्रयागराज तीर्थ के लिए प्रस्थान करेंगे जहां गंगा दशहरे पर 12 जून को त्रिवेणी संगम में इन्हें प्रवाहित किया जाएगा।