तिरुपति: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव और श्रीलंका की दो दिवसीय यात्रा के बाद वापस स्‍वदेश लौट आए. श्रीलंका से पीएम मोदी सीधे आंध्र प्रदेश के त‍िरुपति पहुंचे. यहां वह तिरुमला में भगवान वेंकटेश्‍वर के दर्शन कर पूजा अर्चना करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद पहले केरल पहुंचे थे. यहां उन्‍होंने गुरुवायुर मंदिर में पूजा अर्चना की थी. 

पीएम मोदी ति‍रुपत‍ि मंदि‍र पारंपर‍िक परिधान में पहुंचे. यहां उन्‍होंने पूजा अर्चना की. उनके साथ आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री जगन मोहन रेड्डी भी थे. मंदिर में पीएम मोदी ने भगवान वेंकटेश्‍वर का आशीर्वाद लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की मंदि‍र में पूजा करीब एक घंटे तक चली. पीएम मोदी ने मंदिर में प्रसाद भी ग्रहण किया. पीएम मोदी को भगवान वेंकटेश की तस्‍वीर भी भेंट की गई.


इससे पहले कोलंबो से तिरुपति के निकट रेनीगुंटा हवाईअड्डे पर पहुंचे. एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्‍वागत आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने किया. पीएम मोदी एक कार्यक्रम में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधि‍त करने पहुंचे. यहां कार्यक्रम में देरी से पहुंचने के लिए पीएम मोदी ने लोगों से माफी मांगते हुए कहा, श्रीलंका में कार्यक्रम लंबा चलने के कारण मुझे आने में देरी हुई.

356 दिन काम करने वाली सरकार बताया
पीएम मोदी ने कहा, इससे कोई फर्क  नहीं पड़ता कि आंध्र में चुनाव में हमारा कैसा प्रदर्शन रहा. हम सभी लोगों के कल्‍याण के लिए काम करते रहेंगे. चाहे आंध्र हो, तमिलनाडु हो या केरल हो हम राज्‍य सरकार से मिलकर काम करते रहेंगे. हम तब भी काम करते थे, जब हम किसी राज्‍य में निकाय चुनाव नहीं जीत पाते थे. उन्‍होंने कहा, हमें सरकार भी बनानी है, देश भी बनाना है. जनता का दिल जीतने के लिए 365 दिन काम करना है. हमारा मानना है कि सरकार का काम देश को आगे बढ़ाने के लिए हो.


जगन को दिया हर सहायता का आश्‍वासन
मुझे अनेक बार तिरुपति आने का सौभाग्य मिला है, आज फिर एक बार नई सरकार बनने के बाद मैं भगवान वेंकटेश के चरणों में सर झुका के आशीर्वाद लेने के लिए आया हूं.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं अपनी शुभकामनाएं आंध्र प्रदेश के नए सीएम जगन मोहन रेड्डी को देता हूं, वह आंध्र प्रदेश को बहुत आगे ले जाएं. मैं उन्‍हें भरोसा दिलाता हूं कि केंद्र सरकार उनके साथ खड़ी है.
हमें सरकारें भी बनानी हैं और देश भी बनाना है. इसीलिए सरकार का उपयोग भी देश बनने के लिए ही होना चाहिए, दल को बढ़ाने के लिए करना ना तो हमारी प्रकृति है और ना ही हमारी प्रवृत्ति है. चुनाव जीतना, ये चुनाव के समय चुनाव मैदान में करना होता है लेकिन जनता जनार्दन का दिल जीतना, ये हमें 365 दिन अखंड अविरत रूप से करते रहना है.

पीएम मोदी ने कहा, कुछ लोग चुनाव परिणामों के प्रभाव से अभी तक बाहर नहीं निकल पाएं है। ये उनकी मजबूरी है. हमारे लिए चुनाव का अध्याय समाप्त हो चुका है और 130 करोड़ देशवासियों की सेवा करने का अध्याय प्रारम्भ हो चुका है. देश सेवा के अनेक मार्ग और माध्यम हैं. उनमें से सरकार भी एक माध्यम है। जिनके पास सरकार की जिम्मेदारी है वो उसके माध्यम से और लाखों कार्यकर्ता स्वतंत्र रूप से देश की सेवा कर रहे हैं.