भारत के सबसे अनुभवी टेनिस खिलाड़ी 45 साल के लिएंडर पेस ने कहा वह अभी खेल को अलविदा नहीं कहेंगे और उनका लक्ष्य टोक्यो ओलंपिक-2020 में भाग लेना है। पेस ने अब तक सात ओलंपिक खेले हैं।अटलांटा ओलंपिक में पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी थे। पेस ने 18 ग्रैंडस्लैम युगल खिताब जीते हैं.
पेस ने कहा, ‘यह ओलंपिक अभी बहुत दूर है। मैं ओलंपिक में पहले ही विश्व रिकॉर्ड कायम कर चुका हूं। अब एक और बार इसमें भाग लेना शानदार होगा।’ पेस के इस समय तक खेलने से सभी हैरान हैं।  
अपने को भाग्यशाली मानते हैं पेस 
पेस ने कहा कि इतना लंबा करियर होने पर वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं। पेस ने इस दौरान 18 ग्रैंडस्लैम युगल खिताब जीते है और उनके पास 1000 से ज्यादा रैकेटों का संग्रह हैं। पेस ने पहले दौर के मैच के बाद कहा कि मैं लगभग 30 साल से टेनिस खेल रहा हूं। मैंने पीट संप्रास के जैसे खिलाड़ी को यहां देखा है, मैंने पैट राफ्टर को खेलते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि टेनिस में मेरा सफर शानदार रहा है, मैं भाग्यशाली हूं कि इतने लंबे समय से खेल रहा हूं। खासकर यहां (फ्रेंच ओपन) चार बार जीत दर्ज कर। फ्रेंच ओपन में पहली बार 1989 में खेलने वाले लिएंडर पेस ने इंडियन वेल्स क्वालीफाइंग में युवा रोजर फेडरर को भी हराया था।
उन्होंने कहा कि मेरे पास राड लीवर के अलावा फेडरर, राफेल नडाल, नोवाक जोकोविच, एंडी मर्रे, मार्टिना नवरातिलोवा जैसे चैम्पियन खिलाड़ियों के रैकेट है। नवरातिलोवा के साथ मैंने काफी खेला है। मेरे पास सेरेना विलियम्स, वीनस विलियम्स, मार्टिना हिंगिंस के रैकेट के साथ ब्योर्न बोर्ग का लकड़ी वाला रैकेट है। मेरे पास मेरा पहला रैकेट भी है।