लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने 20 जुलाई तक प्रदेश में चलने वाले दस्तक अभियान का आज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मिसरोद से शुभारंभ किया। मंत्री श्री सिलावट ने अभियान दलों को दस्तक किट देकर कर गाँवों के लिये रवाना किया। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि कुपोषण और बीमारियों से बच्चों को आजादी दिलाने के लिये दस्तक अभियान को चुनौती के रूप में लेना है। गाँव-गाँव में घर-घर जाकर पाँच वर्ष आयु तक के 75 लाख बच्चों से सम्पर्क करने का लक्ष्य रखा गया है। दस्तक दल बच्चों की जानकारी प्राप्त करने जब घर जाये तो परिजनों को बच्चों के स्वास्थ्य के संबंध में पर्याप्त जानकारी दें। बच्चों का परीक्षण करें। कुपोषित और बीमार बच्चों को चिन्हित कर उनके उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करें। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश भर में दस्तक दलों के काम करने की प्रगति की रोजाना की जानकारी से उन्हें अवगत कराने के लिये स्वास्थ्य आयुक्त को कहा गया है।

बिना सूचना मंत्री पहुँचेंगे दस्तक दलों के पास

मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि 20 जुलाई तक प्रदेश में चलने वाले अभियान के दौरान वे खुद दस्तक दलों द्वारा किये जा रहे सम्पर्क और कार्यों का जायजा लेने किसी भी जिले के किसी भी गाँव में बिना सूचना के पहुँचेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का बुनियादी अमला, आशा, एएनएम और स्वास्थ्य कार्यकर्ता है। अभियान में 60 हजार से अधिक आशा कार्यकर्ता और 15 हजार से अधिक एएनएम शामिल हैं। अभियान में महिला-बाल विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का अमला भी शामिल है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को समन्वित रूप से ठोस कार्य करना है। केवल औपचारिकता नहीं अभियान को आन्दोलन के रूप में लेकर धरातल पर सफलता की इबारत लिखना है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले, ग्राम पंचायत तथा विकासखंड को पुरस्कृत किया जायेगा।

स्वास्थ्य आयुक्त श्री नीतेश व्यास ने कहा कि दस्तक अभियान में आँगनवाड़ी, एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान कर उनका त्वरित प्रबंधन करेंगे, जिससे बाल-मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सकेगी। अभियान में मुख्य तौर पर समुदाय में बीमार बच्चों और नवजातों की पहचान, प्रबंधन एवं रेफरल, शैशव एवं बाल्यकालीन निमोनिया की पहचान, प्रबंधन, कुपोषित बच्चों को पहचानना तथा उपचार के लिये एनआरसी भेजना, आदि महत्वपूर्ण कार्य किये जाएंगे। अभियान दल गाँव-गाँव, घर-घर जाकर बाल्यकालीन दस्त रोग नियंत्रण के लिये ओआरएस एवं जिंक के उपयोग के संबंध में जागरूकता, विटामिन-ए का अनुपूरण, 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियाँ, शिशु एवं बालआहार पूर्ति संबंधी समझाइश देगा।

स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मिसरोद का निरीक्षण किया और बेहतर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

मिशन संचालक सुश्री छवि भारद्वाज, कलेक्टर श्री विजय दत्ता, संचालक स्वास्थ्य श्री बी.एन.चौहान पार्षद श्री रामबाबू पाटीदार,श्री भागीरथ पाटीदार मौजूद थे।