इन्दौर । उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी, कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव और निगमायुक्त आशीष सिंह ने आज डीएवीवी परिसर में कोचिंग क्लास संचालकों से चर्चा करते हुये कहा कि उन्हें अपने संस्थान में सुरक्षा के सारे उपकरण और सुविधायें मुहैया कराना होगी। विद्यार्थियों की सुरक्षा से कई समझौता नहीं किया जायेगा। कोचिंग संचालकों को अपने संस्थान में पक्की सीढ़िया, खुले खिड़िकी-दरवाजे, अग्निशमन यंत्र और पार्किंग की व्यवस्था करना होगी, तभी कोंचिग क्लास चलाने की अनुमति दी जायेगी।
मंत्री पटवारी ने कहा कि हमें सूरत कोचिंग क्लास अग्निकाण्ड से सबक लेना होगा। हमारा किसी से पूर्वाग्रह नहीं है। जिले में 252 कोचिंग क्लास हैं, जिसमें से 16 कोचिंग क्लास सील किया गये हैं। सभी कोचिंग क्लासों को शासन के निर्देशों को कड़ाई से पालन करना होगा। सभी कोचिंग क्लास को एक माह का समय दिया जा रहा है। उन्हें सभी मूलभूत सुविधा मुहैया कराना होगी। मूलभूत सुविधा के बाद ही उन्हें पुन: कोचिंग क्लास चलाने की अनुमति दी जायेगी। एक माह तक विद्यार्थियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहगा।
उन्हें कोचिंग क्लास से कैन्टीन भी अगल करना होगी। सभी कोचिंग क्लास संचालकों को 11 जून को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पुन: प्रशिक्षण दिया जायेगा। इन कोचिंग सेंटर पर समस्त एसडीएम हमेशा निगरानी रखेंगे। इन कोचिंग क्लास संचालकों को एक बार पूर्व में सभाकक्ष क्रमांक 210 में फायरब्रिगेड, सीविल इंजीनिरिंग, आपदा प्रबंधन और शासन के निर्देशों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।