इन्दौर । वायु प्रदूषण के कारण हर दिन बड़ी संख्या में लोग अस्थमा और सांस के रोगी बन रहे हैं। उद्योगों से निकलने वाले धुयें से ओजोन परत को भी नुकसान हो रहा है जिससे धरती पर असामान्य रूप से तापमान में इजाफा हो रहा है। इस कारण ग्लोबल वार्मिंग के खतरे के साथ ही वर्षा भी असामान्य होने लगी है। वायु प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ते तापमान को केवल वृक्षारोपण करके ही कम किया जा सकता है। वृक्षारोपण से भूजल स्तर में भी इजाफा होगा जिससे पेयजल जैसी विकराल समस्या से भी निजात मिल सकेगी।
ये विचार भोपाल के पर्यावरण नियोजन समन्वय संगठन- एपको द्वारा इंदौर के क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो और चिल्ड्रन साईंस सेंटर के सहयोग से पीथमपुर स्थित राजरतन वायर प्रा.लि. में विश्व पर्यावरण दिवस के तहत आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रम में एपको के मुख्य अभियंता श्री अनुज श्रीवास्तव ने व्यक्त किये। उन्होने कहा कि हमारी भावी पीढ़ी को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी हम सब की है और इसे अपना नैतिक दायित्व समझते हुये अधिकाधिक वृक्षारोपण करना होगा तभी वायु प्रदूषण को
कम किया जा सकता है।
इस अवसर पर पैट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसियेशन- पी.सी.आर.ए. के तकनीकी विशेषज्ञ श्री विनीत कौशिक ने पावर पाईंट प्रजेटेशन के जरिये ग्लोबल वार्मिंग के खतरे के प्रति आगाह करते हुये बताया कि तापमान में हो रही वृद्धि से समुद्र के किनारे के मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई सहित विश्व के अनेक शहरों के अस्तित्व पर संकट के बादल गहराने लगे हैं। उन्होने कहा कि उद्योगों को ईंधन और ऊर्जा की खपत कम करने पर भी ध्यान देना चाहिये ताकि इनके उत्पादन पर होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो के सहायक निदेशक मधुकर पवार ने कहा कि स्वच्छता का वायु प्रदूषण से भी सीधा नाता है। अभी भी अज्ञानता के कारण पोलिथीन को जलाते हैं जिसके कारण निकलने वाले जहरीले धुयें से गम्भीर बीमारियां हो रही हैं। उन्होने डिस्पोजल और प्लास्टिक के उपयोग नहीं करने की अपील करते हुये अनुरोध किया कि आगामी 21 जून को विश्व योग दिवस के तहत अभी से योग प्रारम्भ करें और योग को अपने जीवन का एक अनिवार्य अंग बनायें ताकि स्वस्थ रह सकें. राजरतन के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख श्री कुणाल देव ने बताया कि चालू वर्षा के मौसम में संस्थान के परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पचास हजार पौधे लगाये जायेंगे तथा उन्हे जीवित रखने के हर
सम्भव प्रयास करेंगे। उन्होने बताया कि पेड़ पौधों से निकलने वाले कचड़े से जैविक खाद भी बनायेंगे. कार्यक्रम में सहायक उपाध्यक्ष श्री अनिल कुमार सिन्हा, चिल्ड्रन साईंस सेंटर के अध्यक्ष श्री राजेंद्र सिंह तथा अनेक पदाधिकारी, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्रियंका चौरसिया ने किया। श्री राजेंद्र सिंह ने आभार माना।