नई दिल्ली। आठ दिन पहले लापता हुए वायुसेना के विमान का मलबा अरुणाचल प्रदेश के लिपो में मंगलवार को मिला। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। विमान में 13 लोग सवार थे। रूसी मूल के एएन-32 विमान का संपर्क असम से जोरहाट से अरुणाचल प्रदेश के मेचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए उड़ान भरने के बाद तीन जून की दोपहर को टूट गया था। 

विमान के हिस्से, जो लापता हुए एएन-32 के माने जा रहे हैं, विमान के उड़ान मार्ग से 15-20 किलोमीटर उत्तर में अरुणाचल प्रदेश में मिले हैं। तीन जून को लापता हुए इस विमान को तलाशने के अभियान में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी शामिल थे।

वायुसेना का विमान एएक-32 3 जून को उस वक्त अचानक लापता हो गया जब जोरहाट हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। इसका मलबा अरूणाचल प्रदेश के लिपो में मिला है। इस विमान को ढूंढ़ने में लगातार वायुसेना कर्मी लगे हुए थे। हालांकि, अभी इसे वैरिफाई किया जा रहा है।

रूस निर्मित विमान ने अरुणाचल प्रदेश के शि-योमि जिले के मेचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड के लिए असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी। जमीनी नियंत्रण कक्ष के साथ विमान का संपर्क दोपहर एक बजे टूट गया। रूसी एएन-32 विमान से सम्पर्क 3 जून को दोपहर में असम के जोरहट से चीन के साथ लगी सीमा के पास स्थित मेंचुका उन्नत लैंडिंग मैदान के लिए उड़ान भरने के बाद टूट गया था। विमान में चालक दल के आठ सदस्य और पांच यात्री सवार थे।