इन्दौर । महापौर मालिनी गौड़ ने बुधवार को 96.79 करोड़ के घाटे का बजट पेश किया। नगर निगम के वर्ष 2019-20 बजट में 5647.10 करोड़ रू. की अनुमानित आय और 5574.40 करोड़ रू. का अनुमानित व्यय दर्शाया गया है। महापौर मालिनी गौड़ के कार्यकाल का यह अंतिम और पॉंचवा बजट है। आगामी नगर निगम चुनाव को ध्यान में रखते हुए पेश किये गये इस चुनावी बजट में न तो कोई कर बढ़ाया गया है और न ही कोई नया कर लगाया गया है। 
बजट भाषण में उन्होंने इन्दौर को स्वच्छता में तीन बार अवार्ड दिलाने का जिक्र करते हुए कहा कि हमने इंदौर का नाम देश ही नहीं, पूरे विश्व में रोशन किया है। 1500 से ज्यादा कचरा पेटी हटाई, 1000 से अधिक खुले स्थानों पर कचरे के ढेर शहर में दिखाई देते थे। यूनाइटेड नेशन ने बैंकॉक में इंदौर को एशिया पेसिफिक देशों के शहरों के लिए इंदौर को रोल मॉडल घोषित किया है। उत्तर प्रदेश सहित कई राज्य सरकारों ने भी इन्दौर को रोल मॉडल बताया है। महापौर ने शहर की क्लासिक पूर्णिमा कॉलोनी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ऐसी कॉलोनी है, जहां न गीला कचरा निकलता है, न सूखा और ना ही कॉलोनी के रहवासी निगम को कचरा परिवहन का शुल्क देते हैं। इस कॉलोनी में शत-प्रतिशत कचरे का कॉलोनी के रहवासियों के द्वारा ही निपटान कर लिया जाता है। यह अपने आप में आदर्श कॉलोनी है। अन्य कॉलोनियों को भी इससे प्रेरणा लेना चाहिए। हम अब नागरिकों को इस बात के लिए प्रेरित कर रहे हैं कि वे अपने घर के सूखे कचरे को कम से कम करें और गीले कचरे से खाद बनाएं, इससे वे कचरे के माध्यम से भी कमाई कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि कचरा निपटान हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है। शहर से रोजाना निकलने वाले 300 मैट्रिक टन कचरे को कम करने का काम शुरू कर दिया है। कचरा निपटान हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है। एनजीओ के सदस्य अब घर से निकलने वाला सूखा कचरा खरीदना शुरू कर रहे हैं। अगर घर में ही खाद बनाने लगेंगे तो उन्हें कचरा कलेक्शन शुल्क नहीं लगेगा। आगामी एक माह में 10 से 20 कॉलोनी ऐसी होगीं, जहां से निकलने वाले कचरे का निपटान कॉलोनी में ही हो जाएगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी, स्मार्ट पार्किंग हेरिटेज कन्वर्सेशन इस परिषद की उपलब्धि रही है। महापौर ने कहा- नगर निगम के साथ शहर की जनता ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सहयोग दिया है। विकास कार्यों के लिए तोड़फोड़ से प्रभावित हुए ऐसे लोगों को 15 अगस्त से पहले टीडीआर सर्टिफिकेट दिए जायेंगे। 
उन्होंने कहा कि महापौर विशिष्ट प्रोजेक्ट परियोजना के अंतर्गत विश्रामबाग में उद्यान निर्माण, ब्रह्मलीन लक्ष्मणसिंह गौड़ मार्ग, गांधी हॉल का जीर्णोद्धार एवं संपूर्ण परिसर का विकास, दशहरा मैदान पर बाउंड्रीवॉल व विकास कार्य, शिवाजी वाटिका एवं नेहरू स्टेडियम परिसर विकास, स्नेह नगर, जानकी नगर, सिरपुर तालाब आदि बड़े उपवनों का निर्माण 100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से किया जा रहा है। 50 से 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। शेष कार्य दिसंबर 2019 तक पूरा कर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। शहर में लोगों को शुद्ध और ठंडा पानी पिलाने के लिए 100 प्याऊ में से 43 जगह लगाने का काम पूरा हो गया है। शेष स्थानों पर एक माह के अंदर यह अनंता वॉटर हट लगा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में बॉण्ड जारी करने वाले पहले नगर निगम बनने के बाद लंदन स्टॉक एक्सचेंज में बॉण्ड जारी करने वाली देश की पहली नगर निगम भी इंदौर बने, यह हमारा लक्ष्य है। लालबाग पैलेस के संपूर्ण परिसर का विकास स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा। लगभग 15 करोड़ रुपए की लागत से यह काम होगा। परिसर में कच्चा-पक्का पैदल पथ, पार्किंग, पुरातन शैली के गार्डन आदि का विकास होगा। 
:: मुख्य मार्गो के लिए 180 करोड़ का प्रावधान :: 
बजट भाषण के दौरान महापौर कहा कि मास्टर प्लान के अनुसार शहर के मुख्य मार्ग एमआर-3, एमआर-5, एमआर-9, एमआर-11 और आरई-2 जैसी महत्वपूर्ण सड़कें बनाने के लिए 180 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन सड़कों को बनाने के लिए निगम पांच साल का लोन लेगा। साथ ही उस इलाके के लोगों के 20 से 40 रू. प्रति वर्गफुट के हिसाब से बेटरमेंट भी वसूला जायेगा, जो लोगों को पांच साल में देना होगा। महापौर मालिनी गौड़ ने बताया कि मेयर हेल्प लाईन (311-एप) 2 अक्टूबर 2016 से शुरू की गई, अब तक लगभग 3.15 लाख शिकायतें मिली। इनमें से 3.14 लाख से अध‍िक शिकायतों का निराकरण किया गया है। घर, दुकान और व्यावसायिक स्थल पर वॉटर रिचार्जिंग के लिए तकनीकि मदद की जरूरत होने पर इंदौर 311 पर इसके लिए रिक्वेस्ट कर सकते है। 24 घंटे के अंदर निगम की ओर से संबंधित व्यक्ति मदद के लिए पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि 125 करोड़ की लागत से शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण किया गया है, शहर में चल रहे काम लगभग 80 प्रतिशत तक पूरे हो चुके है। अटल खेल संकुल, चिमनबाग मैदान, बाणेश्वरी कुंड के सामने खेल मैदान में सुविधाएं उपलब्ध कराईं। 80 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में काम कराए गए। 41 पुल-पुलियाओं का काम पूरा कर दिया है, 20 पुल-पुलिया का काम चल रहा है।

:: बजट पर एक नज़र :: 
- इस वर्ष दिसम्बर अंत तक रिवर फ्रंट डेवलपमेंट शहरवासियों को समर्पित किया जाएगा।
- शहर के 85 वार्डों में होने वाले विकास कार्यों के लिए लगभग 418 करोड़ रू. का प्रावधान।
- यातायात सुधार के लिए होने वाले कामों के लिए 45 करोड़ रू. का प्रावधान।
- प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 556 करोड़ रू. प्रावधान।
- शहर में लगने वाली एलईडी लाइट के लिए बजट में 70 करोड़ रू. का प्रावधान।
- वर्कशॉप विभाग और वाहनों का रखरखाव करने सहित अन्य खर्च के लिए 48 करोड़ रू. का प्रावधान। 
- शहर के जिन हिस्सों में सीवर पाइप लाइन नहीं है, उनमें लगभग 50 कि.मी. की लाइन बिछाना इसी वर्ष प्रस्तावित। 
- सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों, विद्यालयों, शासकीय कार्यालयों में जलपुनर्भरण व संवर्धन के काम के लिए 0.90 करोड़ का प्रावधान। 
- घर, दुकान और व्यावसायिक स्थल पर वॉटर रिचार्जिंग के लिए तकनीकि मदद की जरूरत होने पर इंदौर 311 पर इसके लिए रिक्वेस्ट कर सकते है। 24 घंटे के अंदर निगम की ओर से संबंधित व्यक्ति मदद के लिए पहुंचेगा।
- शहर में बच्चों के लिए खेलकूद की गतिविधियों के लिए निगम अटल खेल संकुल, चिमनबाग, बाणेश्वरी कुंड के सामने खेल मैदान के कार्य स्वीकृत किए है। इन कामों को शीघ्र ही पूर्ण किया जाएगा। शहर के बगीचों में सुंदरता एवं आकर्षक बढ़ाने के लिए काम किया जाएगा। बजट में उक्त कार्य के लिए 115 करोड़  रू. का प्रावधान। 
- सरकारी स्कूलों के भवन निर्माण, कक्ष निर्माण, बॉउड्रीवॉल और शौचालाय निर्माण के लिए बजट में 47.55  करोड़  रू. का प्रावधान।
- शहर के जूनी इंदौर, भानगगढ़, कुम्हारखाड़ी, तिलक नगर, मुंडला नायता, निपानिया, अरंडिया और बिचौली मर्दाना मुक्तिधाम में आवश्यकता अनुसार निर्माण और संधारण के कार्य किए जा रहे है। 
- पुल-पुलियओं के निर्माण के लिए  50 करोड़ रू. का प्रावधान। 
- स्मार्ट सिटी एरिया राजबाड़ा और एमओजी लाइन रोड़ पर यातायात का दबाव कम करने इन स्थानों पर ग्रेड सेप्रेटर का निर्माण किया जाएगा। इसकी कुल लागत 50 करोड़ रुपए होगी।
- अमृत प्रोजेक्ट के तहत शहर में जल प्रदाय को सुगम और प्रभावी करने के लिए 51.65 करोड़ रू. का प्रावधान।
- यूएन ने बैंकॉक में इंदौर को एशिया पेसिफिक देशों के शहरों के लिए रोल मॉडल घोषित किया। उप्र और मप्र सरकार ने इंदौर को रोल मॉडल माना है।
- शहर में प्रिकास्ट डिवाइडर के लिए 45 करोड़ रू. का प्रावधान। 

:: निगम बजट सत्र में राष्ट्रगान का अपमान...! :: 
बुधवार को नगर निगम परिषद् की बजट बैठक के प्रारंभ में राष्ट्रगान का अपमान होने का मामला सामने आया है। एमआईसी सदस्य राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के बीच का अंतर भूल गए। इस बार बजट सत्र की शुरुआत यहां पर वंदे मातरम की जगह जन गण मन से हुई, लेकिन महापौर के हस्तक्षेप के बाद सदस्यों ने जन गण मन का गायन बीच में ही रोक दिया और फिर वंदे मातरम का गायन शुरू कर दिया। इस दौरान सदन में महापौर मालिनी गौड़, निगम कमिश्नर आशीष सिंह, सभापति अजय सिंह नरुका के साथ बड़ी संख्या में एमआईसी के सदस्य मौजूद थे। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख ने राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रीयगान का अपमान करने वाले एमआयसी सदस्य एवं अन्य के विरूद्ध दण्ड़ात्मक कार्यवाही करने की मांग डीआईजी श्रीमति रूचिवर्धन मिश्र से की गई है।