इन्दौर । योग भारत की सबसे प्राचीन विधा है और इसे अब  विश्विक स्तर पर भी मान्यता मिल गई है। योग को समूचे विश्व के लिये भारत का अनुपम उपहार कहा जा सकता है। केवल योग के आठ प्रकार यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि का पालन कर मनुष्य निरोगी और दीर्घायु रह सकता है।
ये विचार आज बेटमा में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के इंदौर स्थित क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो (फील्ड आऊटरीच ब्यूरो) द्वारा नगर परिषद के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के तहत आयोजित विशेष जन जागरूकता कार्यक्रम में सहायक निदेशक मधुकर पवार ने व्यक्त किये। पवार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में 27 सितम्बर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था जिसे तीन माह के भीतर ही 177 देशों ने 11 दिसम्बर 2014 को स्वीकार कर लिया और 21 जून को प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की गई। यह भारत की बहुत बड़ी उपलब्धि है जिससे भारत की प्राचीनतम विधा योग को विश्व स्तर पर मान्यता मिली। इससे योग के क्षेत्र में रोजगार के भी असीम अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
जन जागरूकता कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक अनिल परमार ने प्रतिभागियों को आगामी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर किये जाने योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराते हुये अनुरोध किया कि वे योग को अपनी दिनचर्या का एक अनिवार्य अंग बनाये ताकि स्वस्थ रह सकें। उन्होने कहा कि योग से अनेक असाध्य और गम्भीर रोगों से मुक्ति मिल जाती है। परमार ने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, वज्रासन, चक्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, पवन मुक्तासन, शवासन, कपालभाति, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, भस्त्रिका आदि का अभ्यास कराया तथा इनसे होने वाले फायदों के बारे में भी बताया। नगर परिषद के राजेश पंचोलिया ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के तहत होने वाले त्रैमासिक सर्वेक्षण की जानकारी दी। इसी अवसर पर उत्कृष्ट योग, प्राणायाम करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में समाजसेविका श्रीमती सुनयना बियाणी और श्रीमती ललिता सुलाठिया, लायंस क्लब के अध्यक्ष गोपाल शारदा, वरिष्ठ समाजसेवी शशि जायसवाल और नीलेश उपाध्याय, नगर सुरक्षा समिति के सन्योजक भूपेंद्र पंचोली के अलावा रत्नेश जैन, तरूण बियाणी, हरिनारायण जोशी विशेष रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय प्रचार सहायक किशोर गाठिया ने किया। पंचोलिया ने आभार माना।