भोपाल राज्य सरकार द्वारा विगत 6 माह में 15 नए सीनियर छात्रावास भवन निर्माण के लिये 3312.40 लाख, 8 महाविद्यालयीन छात्रावास भवन के लिये 1766.40 लाख एवं 20 विशेष पिछड़ी जाति के छात्रावास भवन के लिये 4400 लाख की स्वीकृति जारी की गई है। अभी तक 2 एकलव्य आवासीय विद्यालय, 48 छात्रावास, 50 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं 30 आश्रम शाला भवन सहित 130 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है।

प्रदेश में आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए प्रारंभ की गई पेपरलेस स्व-सत्यापित प्रक्रिया (MPTAAS) से प्रथम वर्ष के लगभग 21 हजार विद्यार्थियों को 18.67 करोड़ रूपये छात्रवृत्ति वितरित की गई है। साथ ही, JEE, NEET, CLAT में सफल 46 विद्यार्थियों को 23 लाख रुपये उनके खाते में सीधे ऑनलाइन जमा कराये गये हैं।

राज्य शासन द्वारा 89 आदिवासी विकासखण्डों में अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए हाट-बाजारों में बैंक एटीएम स्थापित किए गए हैं। इसके लिये पायलट प्रोजेक्ट के साथ केन्द्र शासन से 12 करोड़ की राशि स्वीकृत कराई गई है।

वनाधिकार के निरस्त दावेदारों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बेदखल करने के आदेश के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका की गई थी। न्यायालय द्वारा कार्यवाही को स्थगित कराया जाकर "वन मित्र" सॉफ्टवेयर के माध्यम से पुन: परीक्षण करने का निर्णय लिया गया।

आदिवासी क्षेत्रों में इन्टरनेट कनेक्टिविटी की पहल की गई है। भारत सरकार के टेलीकॉम मंत्रालय को प्रदेश के 89 आदिवासी विकासखंडों में इन्टरनेट कनेक्टिविटी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।

आदिवासी छात्रों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रदान करने के प्रयासों में तेजी लाते हुए 134 आश्रम शालाओं में अंग्रेजी शिक्षण सहायकों के लिए 12 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है। इसी के साथ 1546 छात्रावास अधीक्षकों को ऑनलाइन हॉस्टल संचालन का प्रशिक्षण दिलवाया जा रहा है।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के सिकिल सेल अनीमिया से पीड़ितों के इलाज के लिए 3.12 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की गई है। आयुष विभाग के माध्यम से पीड़ितों की हौम्योपैथी चिकित्सा कराई गई है।