येरुसलेम । लाखों जेलीफिश अपनी वार्षिक यात्रा के लिए इजरायल के समुद्री तट की तरफ बढ़ रही हैं। इससे इजरायल छुट्टियां मनाने पहुंचे पर्यटकों को निराशा और पर्यटन से संबंधित व्यवसाय से जुड़े लोगों को परेशानी हो सकती है। वहीं लाइफ गार्ड तैराकों को सावधानी बरतने और असुविधा को कम करने के लिए दिशानिर्देशों का पालन करने की चेतावनी दे रहे हैं। जेलीफिश की समस्या केवल इजरायल तट तक सीमित नहीं है, बल्कि इनकी संख्या में अच्छी खासी बढ़त देखने को मिली है। हर साल करीब 150 मिलियन लोगों को जेलीफिश द्वारा डंक मारा जाता है। जेलीफिश अपने सामान्य आवास से परे दिखाई दे रही हैं। जेलीफिश को समझने के लिए सबसे पहले आपको समझना होगा कि जेलीफिश कोई मछली नहीं है। जेलीफिश बेल के आकार का अकशेरुकी प्राणी है, जो डंक मारकर शिकार को पकड़ते हैं और शिकारियों को दूर भगाते हैं। जीवाश्मों से पता चलता है कि वे धरती पर लगभग 500 मिलियन से अधिक सालों से हैं। जेलीफिश समुद्रों और महासागरों में रहते हैं। जेलीफिश पर्यटकों के लिए खतरा होती हैं। जेलीफिश के डंक में विष होता है, अगर उसने किसी मनुष्य को डंक मारा तो उसे भारी पीड़ा से गुजरना पड़ता है। हालांकि अधिकांश जेलीफिश अधिक जहरीले नहीं होते और कुछ ही घंटों में उनके डंक का दर्द समाप्त हो जाता है, लेकिन इतनी देर उस शख्स को तेज दर्द सहना पड़ सकता है। कुछ जेलीफिश का डंक इतना जहरीला होता है कि इसके चकत्ते जाने में हफ्तों लग सकते हैं। कुछ ही जेलीफिश ऐसी होती हैं जिनका डंक बहुत जहरीला होता है। दुनियाभर में जेलीफिश ने सबसे अधिक असर मछली उत्पादन पर डाला है। वे फिश फार्म पर हमला करती हैं और जालों को काट देती हैं। उन्होंने स्वीडन और स्कॉटलैंड जैसे देशों में बिजली संयंत्रों और ओमान और इजरायल जैसे देशों में विलवणीकरण के संयंत्रों को अस्थायी तौर पर बंद करने पर मजबूर किया है। उदाहरण के लिए ऑस्ट्रेलिया में मई और नवंबर में जेलीफिश आम बात हैं। हवाई में अक्सर पूर्णिमा के आठ दिन बात दक्षिण की ओर समुद्र तटों पर जेलीफिश दिखाई देती हैं। जबकि भूमध्यसागरीय तटों पर ये गर्मियों में नजर आती हैं। इनकी वजह से पर्यटन के कारोबर पर भी असर पड़ता है। अपनी अगली बीच ट्रिप की बुकिंग से पहले एक बार ये पता कर लें कि वहां जेलीफिश किस वक्त होती हैं।