भोपालः मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल केंद्रीय जेल से पैरोल पर बाहर आए कैदी ने वापस जेल न जाने के लिए एक ऐसा मास्टर प्लान बनाया कि इसके बारे में जाकर हर कोई हैरान रह गया. दरअसल, इस कैदी ने पहले तो खुद से मिलते-जुलते चहरे का एक आदमी तलाश किया और फिर उसकी हत्या कर उस पर पेट्रोल डालकर उसे आग लगा दी. मामले का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जरिए हुआ. बता दें अभी तक पुलिस कैदी को मरा हुआ समझ रही थी, लेकिन पोस्टमार्म रिपोर्ट आने के बाद खुलासा हुआ कि यह शव पैरोल पर बाहर आए कैदी राजेश परमार का नहीं बल्कि किसी अन्य शख्स का है.

बता दें इससे पहले तक कैदी राजेश परमार की मौत पर कयास लगाए जा रहे थे कि उसने आत्मदाह करके आत्महत्या कर ली है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पता चला की उसने तो अपनी आजादी के लिए यह मास्टर प्लान बनाया था और अपने हुलिए के एक बेकसूर को ढूंढकर पहले उसके हाथ-पैर बांधकर उसका गला दबाया और फिर शव पर पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया. मामले का खुलासा होने के बाद रातीबड़ पुलिस ने राजेश को बेंगलुरू और इस पूरी साजिश में उसका साथ देने वाले साथी को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है.
बता दें इस पूरी साजिश का मास्टर माइंड 34 साल का राजेश परमार ही है. नीलबड़ के हरी नगर का रहने वाला राजेश परमार 2015 में हुई एक हत्या के मामले में जेल में बंद था, वह 15 जून को उसे पैरोल पर सेंट्रल जेल भोपाल से बाहर आया था. पैरोल की समयावधि 29 जून को खत्म हो रही थी, ऐसे में उसे 29 जून को वापस जेल लौटना था. वापस जेल न जाना पड़े, इसलिए उसने एक मास्टर प्लान बनाया और 28 जून को अपनी खुदकुशी की झूठी कहानी फैला दी. 
राजेश ने इस पूरी साजिश की प्लानिंग अपने दोस्त निहाल खान के साथ मिलकर बनाई. पहले उसने फोन कर निहाल को जिंसी चौराहे पर बुलाया और फिर उसे पूरी प्लानिंग बताकर इसमें उसकी मदद मांगी. इस पर निहाल ने राजेश की मदद करने से मना कर दिया. जिसके बाद राजेश ने उसे 1 लाख रुपये देने का लालच दिया और फिर अपने जैसे शख्स राजेश रैकवार उर्फ राजू की तलाश की और उसकी हत्या कर शव को आग के हवाले करके खुद वहां से भाग निकला.