इन्दौर । देश की बढ़ती जनसंख्या से अनेक समस्यायें उत्पन्न हो रही हैं। यदि जनसंख्या नियंत्रण के समय रहते कारगर उपाय नहीं किये गये तो इससे बेरोजगारी, गरीबी,  अपराध, सामाजिक विषमता आदि को उच्च विकास दर के बाद भी नियंत्रित करना सम्भव नहीं होगा। जल संरक्षण और जल के सदुपयोग के लिये भी लोगों को जागरूक करना होगा। इसी तरह ईंधन की बचत करने के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करने की जरूरत है। आज पिपल्याहाना स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के इंदौर स्थित क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो द्वारा आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रम में उक्त बातें पैट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसियेशन, भोपाल के विशेषज्ञ श्री विनीत कौशिक ने कही। श्री कौशिक ने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण  और जल संरक्षण के साथ ईंधन की बचत आज हम सभी की प्राथमिकता होनी चाहिये तभी हम अपनी भावी पीढ़ी को बेहतर वातावरण उपलब्ध करवा सकेंगे।
इस अवसर पर महिला और बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी श्रीमती संगीता विजयवर्गीय ने कहा कि वर्तमान समय में परिवार की आवश्यकतायें बढ़ गई हैं और उनकी पूर्ति के लिये सीमित परिवार का होना बेहद जरूरी है। सीमित परिवार से बढ़ती जनसंख्या पर भी रोक लगेगी। उन्होने महिलाओं से आंगनवाड़ी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं का उपयोग करने का भी अनुरोध किया। कार्यक्रम के आरम्भ में क्षेत्रीय लोक सम्पर्क ब्यूरो के सहायक निदेशक मधुकर पवार ने बताया कि केंद्र सरकार ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिये जल शक्ति अभियान शुरू किया है। भूजल का स्तर लगातार गिरता जा रहा इसलिये वर्षा के जल को रोकने के साथ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करना होगा। उन्होने जल के सदुपयोग करने पर भी बल दिया। इसी अवसर पर उज्जैन के भारती कला मंडल के कलाकारों ने भवई, कान ग्वालिया और मयूर नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन किया तथा छ्न्दों और लोक गीतों के माध्यम से सीमित परिवार, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण आदि के संदेश भी दिये। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय प्रचार सहायक किशोर गाठिया ने किया। श्रीमती ज्योति श्रीवास ने आभार माना।