अगस्त के महीने ने बीजेपी को बड़े दुख दिए. बीजेपी की नींव रखने वाले तीन बड़े नेताओं अटल बिहारी वाजपेयी, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली अगस्त के महीने में दुनिया से चले गए. अटल जी का निधन पिछले साल हुआ था, लेकिन वो महीना भी अगस्त का ही था. इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री अंनत कुमार और फिर पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन हुआ. वहीं, इस साल के अगस्त में सुषमा स्वराज और अब अरुण जेटली चले गए.

पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का निधन लंबी बीमारी के बाद पिछले साल 16 अगस्त को हुआ था. अटल जी की उम्र 94 साल थी.

अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने थे लेकिन मात्र 13 दिनों में उनकी सरकार गिर गई थी. 1998 में वाजपेयी दोबारा प्रधानमंत्री बने, वह कार्यकाल पूरा नहीं कर सके. 1999 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया. उन्हें 2014 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया.

 

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार का निधन पिछले साल 12 नवंबर को हुआ था. 59 साल के अनंत कुमार मोदी सरकार में संसदीय कार्यमंत्री थे. वे कर्नाटक के बेंगलुरु साउथ से लगातार छह बार सांसद रहे.

अनंत कुमार अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी मंत्री रहे थे. उन्हें सिविल एविशन विभाग की जिम्मेदारी मिली थी. बाद में वे टूरिज्म, स्पोर्ट्स, कल्चर, शहरी विकास मंत्री भी बने.

पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन 63 साल की उम्र में इसी साल 17 मार्च को हुआ था.

चार बार के मुख्यमंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री पर्रिकर फरवरी 2018 से ही अग्नाशय संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे.

राजनीति की दिग्गज नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन इसी महीने की 7 तारीख को हुआ था.

सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था, लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका.

जेटली का अंतिम संस्कार आज दोपहर दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया जाएगा. इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक बीजेपी मुख्यालय पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां राजनीतिक दलों के नेता और पार्टी कार्यकर्ता उन्हें अंतिम विदाई देंगे.