देश में लहसून के सबसे बड़े उत्पादक नीमच जिले में लहसून का भाव 80 से 100 रूपए किलो और प्याज का भाव 40 से 50 रूपए किलो हो चुका है. नासिक के बाद प्याज उत्पादन में भी नीमच जिला एमपी में अव्वल माना जाता है. जो लहसून और प्याज का भाव कल तक किसानों को रुला रहा था, जिसे मवेशी खा रहे थे आज आसमान छूते भावों के कारण आम आदमी के आंसू निकल रहे हैं.

लहसून-प्याज के दामों ने बिगाड़ा ज़ायका

नीमच में जहां सर्वाधिक लहसून और प्याज पैदा होता है, वहीं आज यहां के बाज़ार में लहसून और प्याज का भाव आसमान छू गया है. आज लहसून का भाव 80 से 100 रूपए किलो और प्याज 40 से 50 रूपए किलो पहुंच चुका है. इस मामले में ग्रहणी और सामाजिक कार्यकर्ता फातेमा नज़मी कहती हैं कि बाज़ार का यह अप एन्ड डाउन समझ से परे है. कल यही प्याज और लहसून का भाव 50 पैसे से 2 रूपए किलो था. कहीं कहीं तो किसानों ने इसे बेचने की जगह मवेशियों को खिलाया लेकिन आज इसके आसमान छूते भावों ने आम आदमी को खून के आंसू रुला दिया है. सब्जी का ज़ायका बनाने वाले लहसून और प्याज के ऊंचे दामों ने ज़ायका बिगाड़ दिया है.

किसान खुश, अच्छे पैसे मिल रहे हैं.

लहसून और प्याज के ऊंचे दामों से किसान खुश हैं. लहसून किसान रामप्रताप कहते है अभी लहसुन और प्याज के भाव काफी अच्छे मिल रहे हैं. पहले लहसून दो तीन हजार रुपये क्विंटल ही बिक रही थी लेकिन अभी 10 हजार रूपए क्विंटल के लगभग बिक रही है जो किसानों के लिए ख़ुशी की बात है. इतने भाव मिलेंगे तभी किसानों को दो पैसे मिल पाएंगे.