भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का एकीकृत शुद्ध लाभ 30 सितंबर को समाप्त दूसरी तिमाही में करीब छह गुना बढ़कर 3,375.40 करोड़ रुपये हो गया। बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी कि अपनी जीवन बीमा कंपनी में आंशिक हिस्सेदारी बेचने से हुई आय का मुनाफे में उछाल में एक बड़ा योगदान है। एक साल पहले इसी तिमाही में मुनाफा 576.46 करोड़ रुपये  था। एसबीआई ने शेयर बाजारों को बताया कि समीक्षाधीन अवधि में उस की कुल आय बढ़कर 89,347.91 करोड़ रुपये रही , जो एक साल पहले इसी तिमाही में 79,302.72 करोड़ रुपये थी। 

बैंक ने कहा, "असाधारण मदों में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में निवेश की आंशिक बिक्री से हुआ 3,190 करोड़़ रुपये का लाभ शामिल है। इस बिक्री से अपनी अनुषंगी बीमा कंपनी में एसबीआई की हिस्सेदारी 62.10 प्रतिशत से घटकर 57.60 प्रतिशत रह गई। स्टेट बैंक ने सितंबर में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस में 4.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी। एकल आधार पर, एसबीआई का शुद्ध लाभ सितंबर तिमाही में लगभग तीन गुना बढ़कर 3,011.73 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की इसी तिमाही में बैंक ने 944.87 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध लाभ दर्ज किया था। 

जुलाई - सितंबर तिमाही में बैंक की एकल आय बढ़कर 72,850.78 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 66,607.98 करोड़ रुपये था। ब्याज से शुद्ध आय सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 24,600 करोड़ रुपये रही। बैंक का ब्याज से शुद्ध मार्जिन सितंबर तिमाही में सुधरकर 3.22 प्रतिशत पर रहा, जो एक साल पहले की इसी तिमाही में 2.78 प्रतिशत था। चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता भी सुधरी है। 30 सितंबर तक बैंक का सकल एनपीए (अवरुद्ध परिसम्पत्तियां या रिण) गिरकर सकल ऋण का 7.19 प्रतिशत रह गया। 

एक साल पहले की इसी अवधि में यह आंकड़ा 9.95 प्रतिशत था। शुद्ध एनपीए भी 4.84 प्रतिशत से गिरकर 2.79 प्रतिशत पर आ गयीं। मूल्य के आधार पर , सकल एनपीए 2.05 लाख करोड़ रुपये से कम होकर 1.61 लाख करोड़ रुपये पर आ गयीं।  इसी प्रकार , एनपीए के लिए नुकसान का प्रावधान भी एक साल पहले इसी तिमाही के 11,396.87 करोड़ रुपये की तुलना में घट कर इस बार 10,381.31 करोड़ रुपये रहा। प्रोविजन कवरेज अनुपात 30 सितंबर 2019 तक 81.23 प्रतिशत पर रहा।