पैरिस,कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान दुनियाभर में भारत के बारे में झूठा प्रचार करने की नाकाम कोशिश कर रहा है लेकिन हर बार उसे भारत की तरफ से करारा जवाब मिला है। पाकिस्तान ने इसबार संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को में इसबार कश्मीर के अलावा अयोध्या फैसले का भी मुद्दा उठा दिया। भारत ने यूनेस्को जनरल कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि आतंकवाद उसके DNA में है। भारत की प्रतिनिधि ने पाकिस्तान के झूठे दावों का जवाब देते हुए कहा कि पाक भारत की अखंडता और आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश कर रहा है और खुद अपने देश में मानवाधिकारों को ताक पर रख चुका है।
 इसबार पाकिस्तान ने कश्मीर के साथ-साथ अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी उठा दिया। भारत ने पाकिस्तान की हिमाकत का करारा जवाब देते हुए कहा कि उसके पड़ोसी देश की दूसरे के मामले में दखल देने की आदत बन गई है।
भारत ने पाक को दिया करारा जवाब
यूनेस्को में भारत की प्रतिनिधि अनन्या अग्रवाल ने कहा, 'पाकिस्तान अपने कारनामों को छिपाने के लिए भारत के आंतरिक मामलों के बारे में झूठे दावे करता है जबकि उसके यहां आतंकवाद को सराहा जाता है और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किए जाते हैं।' उन्होंने पाकिस्तान का कारनामों की लिस्ट ही खोल दी। अनन्या ने कहा, '1947 में पाकिस्तान में 23 प्रतिशत अल्पसंख्यक थे जो कि अब घटकर 3 प्रतिशत रह गए हैं। यहां ईसाइयों, सिखों, हिंदुओं, शिया और अहमदिया मुसलमानों के खिलाफ कानून बनाए गए और उनके धर्मांतरण की कोशिशें की जाती रही हैं।'
 भारत बोला-पाक नेता लादेन को बताते हैं हीरो
उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान में आज महिलाओं पर हिंसा, बाल विवाह और ऑनर किलिंग बड़ी समस्या है। यह ऐसा देश है जिसका लीडर यूएन के मंच का इस्तेमाल परमाणु की धमकी देने के लिए करता है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने ओसामा बिन लादेन और हक्कानी आतंकियों को पाकिस्तान का हीरो बताया है। पाकिस्तान बुराइयों का घर है जहां रूढ़िवादिता और कट्टरपंथ भरा पड़ा है। पाकिस्तान एक फेल स्टेट है जहां आतंकवाद अपनी जड़े फैला चुका है। यूनेस्को के प्लैटफॉर्म का राजनीतिक इस्तेमाल करते हुए दुष्प्रचार करने पर भारत इसकी कड़ी निंदा करता है।'
अयोध्या पर टिप्पणी को भारत ने बताया आतंरिक मामले में दखल
एक दिन पहले भी भारत की प्रतिनिधि ने पाकिस्तान को लताड़ा था। उन्होंने कहा था कि भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या मामले में दिए गए फैसले पर पाकिस्तान ने अनुचित टिप्पणियां की हैं जो कि एक संप्रभु राष्ट्र का अपमान है। यह आंतरिक मामला है और किसी देश को इसमें हस्तक्षेप करने का आधिकार नहीं है।