स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने रायसेन में शासकीय कन्या महाविद्यालय में छात्राओं को निःशुल्क ड्राइविंग लायसेंस वितरित किए। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर देने के साथ ही उन्हें प्रोत्साहित करना भी जरूरी है। प्रदेश सरकार इस दिशा में काम कर रही है। डॉ. चौधरी ने महाविद्यालय में फर्नीचर के लिए एक लाख रूपए देने की घोषणा भी की।  
मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी के जन्म-दिवस पर राज्य सरकार अपने वचन को निभाते हुए छात्राओं को निःशुल्क ड्राइविंग लायसेंस वितरित कर रही हैं। श्रीमती इंदिरा गांधी को दुनिया में आयरन लेडी के रूप में जाना जाता है। जब भी बेटियों की तरक्की की बात आती है, तो उन्हें याद किया जाता है। आज महिलाएँ, पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है और कई क्षेत्रों में पुरूषों से भी आगे निकल गई हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी छात्राएँ, छात्रों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। एनसीसी की छात्राओं, जो पुलिस में जाना चाहती हैं, को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही महिलाओं को रोजगार तथा व्यवसाय के क्षेत्र में भी बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार प्राथमिकता से काम कर रही है।  
मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि स्कूलों में बेहतर शिक्षा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेकर तेजी से क्रियान्वयन किया जा रहा है। सभी शासकीय स्कूलों में पेरेंट्स-टीचर मीटिंग के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेम प्रणाली की जगह अब हम शिक्षा की स्टीम प्रणाली लागू करने पर विचार कर रहे हैं। स्टेम पद्धति में साईंस, टेक्नालॉजी, इंजीनियरिंग तथा मेथ्स् विषय शामिल थे। स्टीम पद्धति में इन सभी विषयों के साथ आर्टस को भी शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि दक्षिण कोरिया, फिनलैंड, सिंगापुर सहित अन्य देशों की शिक्षा प्रणाली स्टीम पद्धति पर ही आधारित है।