ग्रहों के बीज मंत्र बहुत ही शक्तिशाली मंत्र होते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि किसी भी मंत्र की शक्ति उसके बीज मंत्र में समाहित होती है। इन मंत्रों से अशुभ ग्रहों को शुभ ग्रहों में परिवर्तित किया जा सकता है। ग्रहों की शांति के लिए ये बीज मंत्र बहुत ही कारगर होते हैं। ग्रहों के बीज मंत्र से जीवन में आने वाली सारे प्रकार की विपदाओं को दूर किया जा सकता है।

सूर्य का बीज मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
विधि - मंत्र को प्रात: काल में 108 बार जपें।

चंद्रमा का बीज मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः।
विधि - मंत्र सायं काल में 108 बार जपें।

मंगल का बीज मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।
विधि - मंत्र का प्रातः 108 बार जाप करें।

बुध का बीज मंत्र
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
विधि - मंत्र का 108 बार जाप करें।

बृहस्पति का बीज मंत्र
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः।
विधि - नित्य संध्याकाल में 108 बार जपें।

शुक्र का बीज मंत्र
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः।
विधि - सूर्योदय के समय मंत्र 108 बार जपें।

शनि का बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।
विधि - संध्याकाल में मंत्र को 108 बार जपें।

राहु का बीज मंत्र
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः।
विधि - मंत्र का नित्य रात्रि के समय 108 बार जाप करें।

केतु का बीज मंत्र
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः।
विधि - मंत्र का रात्रि के समय 108 बार जाप करें।