इन्दौर । किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री सचिन यादव के मुख्य आतिथ्य में कौशल विकास केन्द्र एवं कार्यालय कृषि यंत्री इन्दौर संभाग के भवन का शिलान्यास किया गया।  इस कार्यक्रम में  लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी, विधायक देपालपुर विशाल पटेल और विनय बाकलीवाल भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
कौशल विकास केन्द्र का उद्देश्य युवा किसानों को कृषि में उपयोग की जाने वाली विभिन्न मशीनों का तकनीकी प्रशिक्षण देना है। मालवांचल का यह पहला ऐसा मॉडल होगा जो मैकेनाइजेशन सेंटर के रूप  में काम करेगा।  इस केन्द्र के माध्यम से 45-45 दिन के  विभिन्न कोर्स के द्वारा कृषकों को कृषि से जुड़ी विभिन्न तकनीकियों तथा देश एवं दुनिया में अपनाये जा रहे कृषि नये तरीकों की जानकारी दी जायेगी। उल्लेखनीय है कि ये कोर्सेज़ पूर्णत: नि:शुल्क होंगे तथा इसमें समस्त प्रकार की आवास, भोजन, प्रशिक्षण की सुविधायें भी उपलब्ध होंगी।
:: कृषि बनेगी लाभ का व्यवसाय :: 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सचिन सुभाष यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय अर्थ व्यवस्था कृ‍षि आधारित है। जितनी सुदृढ़ कृषि होगी उतनी ही ठोस देश की अर्थ व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में किये गये सर्वे के अनुसार लगभग 5 लाख युवा शहरों की ओर पलायन कर जाते है जो कृषि के भविष्य के लिये सकारात्मक संदेश नहीं है। हमारा उद्देश्य है कि कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाकर युवा किसानों को गांव से जोड़े रखा जाये।
:: एएससीआई से है संबद्ध :: 
कौशल विकास केन्द्र जो कोर्स संचालित करेगा वे सभी एग्रीकल्चर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया के सर्टिफिकेशन से संबद्ध होंगे। अर्थात इन कोर्सेस को करने के बाद किसान बंधु न केवल राज्य,देश बल्कि विदेश में भी रोजगार पा सकेंगे।
:: जरूरी है कृषि आधारित उद्योगों का विकास : मंत्री पटवारी 
कार्यक्रम में शामिल उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने जय जवान जय किसान का नारा देते हुये बताया कि इस केन्द्र का मुख्य उद्देश्य किसानों को सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री कमल नाथ के अनुसार कृषि आधारित उद्योग प्रारंभ करने पर ही किसानों को लाभ होगा तथा उनकी आय बढ़ेगी। आवश्यकता है कि किसानों की उपज को बाजार तथा उद्योग से लिंक किया जाये।
:: समग्र विकास की संकल्पना किसान की साझेदारी के बिना है अधूरी : मंत्री सिलावट 
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि प्रदेश का सौभाग्य है जो एक कृषक का बेटा राज्य का कृषि मंत्री है। उन्होंने कहा कि कृषि उन्नयन की दिशा में अनुभवी किसान तथा कौशल विकास केन्द्र से दक्षता प्राप्त युवा शक्ति  दोनों के सामंजस्य से कृषि के सम्पूर्ण विकास की परिकल्पना फलीभूत होगी।
:: हर मंडी में बनेगा जैविक विक्रय केन्द्र, स्थापित की जायेंगी फूड प्रोसेसिंग यूनिट :: 
कौशल विकास केन्द्र एवं कार्यालय कृषि यंत्री इन्दौर संभाग के भवन का शिलान्यास करने आये किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री सचिन यादव ने कृषक सम्मेलन में भाग लेने आये लगभग एक हजार किसान बंधुओं को सम्बोधित करते हुये बताया कि वर्तमान समय में कृषकों को जैविक खेती करने की आवश्यकता है। रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग कम से कम अथवा न के बराबर किया जाना चाहिये। ऐसे कई सारे विकल्प उपलब्ध है, जिनसे जैविक खेती की जा सकें जिसका बाजार में उचित मूल्य भी प्राप्त होता है। इसी संबंध में बताया कि हर मंडी में एक जैविक विक्रय केन्द्र की स्थापना की जायेगी।
:: किसानों को उपलब्ध होंगे मानक स्तर के खाद-बीज तथा पर्याप्त मात्रा में यूरिया :: 
यूरिया की उपब्धता से संबंधित चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में यूरिया, खाद बीज उपलब्ध है। इसके लिये राज्य शासन ने 80:20 के अनुपात में सहकारिता तथा निजी संस्थाओं के पास यूरिया वितरण के अधिकार दिये है। उन्होंने बताया कि यूरिया वितरण  की निगरानी के लिये हर रोज जिला कलेक्टर से यूरिया के स्टॉक एवं सेल की रिपोर्ट ली जाती है।
:: मंडी प्रांगण में होगी ग्रेडिंग, सॉटिंग की व्यवस्था :: 
किसानों की सुविधा तथा उनकी फसल के उचित दाम के लिये मंडी प्रांगण में ही ग्रेडिंग एवं सॉर्टिंग की व्यवस्था की जायेगी। साथ ही मार्केट लिंकेज  एवं फूड प्रोसेसिंग यूनिट/उद्योगों से किसानों को जोड़ा जायेगा जिससे उन्हें फसल का उचित मूल्य एवं प्रोसेस्ड फूड के जरिये अच्छी आमदनी हो सके।
:: फसल भंडारण के लिये शुरू करेंगे नयी योजना :: 
कार्यक्रम के दौरान मंत्री यादव ने बताया कि फसल भंडारण के लिये ऐसी योजना का ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है, जिसके जरिये किसान अपने क्षेत्र से 15 किलो मीटर की रेडियस में किसी भी वेयर हाऊस में 4 महिनों तक अपनी फसल रख सकेंगे। इसके अलावा इस फसल के एवज में 80 प्रतिशत तक ऋण भी ले सकेंगे। इस योजना का एक मात्र उद्देश्य किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाना एवं भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करना है।