बिलासपुर । सिम्स में लगे पुराने और खराब हो चुके सौर ऊर्जा पैनल को बदल कर नया पैनल लगाया जाएगा। इसके लिए क्रेडाई के अधिकारी निरीक्षण कर एस्टीमेट तैयार करने में जुट गए हैं। जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए वर्षों पहले सिम्स के छत में सौर ऊर्जा के लिए पैनल लगाए गए थे। अस्पताल में बिजली गुल होने की समस्या समाप्त हो गई थी। पिछले कुछ साल से यहां लगे सोलर पैनल बंद हो चुके हैं। बिजली गुल होने पर अस्पताल में अंधेरा छा जाता है। अस्पताल के खराब पैनलों को बदल कर इसे फिर से उपयोग में लाने का फैसला शासन ने लिया है। अस्पताल में 400 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल शुरू करने की योजना प्रस्तावित है। अभी यहां की बिल्डिंग की तकनीकी जांच क्रेडाई के अधिकारियों ने की है। पुरानी बिल्डिंग होने के कारण कई सावधानियां बरती जानी हैं। पीपीपी मॉडल के तहत इस परियोजना के क्रियान्यवन की जिम्मेदारी निजी संस्था को दी गई है। इसके लिए सरकार की ओर से संस्था को अनुदान भी दिया जाएगा।
वार्ड और गलियारा होगा रोशन
सोलर पैनल से मिलने वाली बिजली की आपूर्ति अस्पताल को की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार पैनल से 400 यूनिट तक बिजली मिलेगी। आईसीयू को छोड़ अस्पताल में रोशनी के लिए इस बिजली का उपयोग किया जाएगा।
नहीं होगा अंधेरा
सोलर पैनल के शुरू होने से सिम्स में लाइट गुल होने पर अंधेरा नहीं छाएगा। जनरेटर के साथ इस पैनल से उत्पन्न होने वाले बिजली की सहायता से हर वार्ड और ओपीडी कक्ष रोशन रहेंगे, वहीं जनरेटर पर भी कम प्रभाव पड़ेगा। वहीं अस्पताल को बिजली कंपनी से कम बिजली खरीदनी पड़ेगी।
बैटरी रखने के लिए जगह की तलाश
सिम्स में पिछली बार लगे सोलर पैनल के बंद होने का सबसे बड़ा कारण अस्पताल से सोलर पैनल की बैटरियों का चोरी हो जाना था। प्रबंधन इस बार सोलर पैनल की बैटरी को सुरक्षित रखने के लिए एक ऐसी जगह की तलाश कर रही है जहां से बैटरी की चोरी ना हो और न ही बैटरी को किसी तहर की नुकसान न हो।