हॉकी इंडिया की अनुशासन समिति ने मंगलवार को कड़ा फैसला करते हुए हाल में 56वें नेहरू कप फाइनल के दौरान हिंसा के लिए पंजाब सशस्त्र पुलिस और पंजाब नेशनल बैंक के खिलाड़ियों को अलग-अलग अवधि के लिए निलंबन किया। हॉकी इंडिया के उपाध्यक्ष भोला नाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई समिति की दो दिवसीय बैठक में सर्वसम्मति से पंजाब सशस्त्र पुलिस और पंजाब नेशनल बैंक के खिलाड़ियों को क्रमश: 12-18 महीने और 6-12 महीने के लिए निलंबित करने का फैसला किया।

समिति ने पंजाब सशस्त्र पुलिस के खिलाड़ियों हरदीप सिंह और जसकरन सिंह पर 18 महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया जबकि दुपिंदरदीप सिंह, जगमीत सिंह, सुखप्रीत सिंह, सरवनजीत सिंह और बलविंदर सिंह को 11 दिसंबर से 12 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया। हॉकी इंडिया/हॉकी इंडिया लीग की आचार संहिता के तहत स्तर तीन के अपराध के लिए टीम मैनेजर अमित संधू को भी 18 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया। 

यह भी सिफारिश की गई कि पंजाब पुलिस की टीम को तीन महीने के निलंबित किया जाए और टीम 10 मार्च 2020 से नौ जून 2020 (अनधिकृत टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के कारण लगा निलंबन खत्म होने के बाद) तक अखिल भारतीय टूर्नामेंटों में खेलने की पात्र नहीं होगी। 

पंजाब नेशनल बैंक के खिलाड़ी सुखजीत सिंह, गुरसिमरन सिंह और सुमित टोप्पो को 12 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है जबकि टीम के कप्तान जसबीर सिंह को छह महीने के लिए निलंबित किया गया है। टीम के मैनेजर सुशील कुमार दुबे को भी आचार संहिता और प्रतिबंधों का पालन करने में उनकी टीम की अक्षमता के कारण छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है।

यह भी सिफारिश की गई कि पंजाब नेशनल बैंक की टीम को तीन महीने के निलंबन के तहत रखा जाए और वह 11 दिसंबर से 10 मार्च तक किसी भी अखिल भारतीय टूर्नामेंट में खेलने की पात्र नहीं होगी। समिति ने सर्वसम्मति से यह भी सहमति व्यक्त की कि उपरोक्त सभी खिलाड़ी अपने प्रतिबंधों की समाप्ति के बाद 24 महीने की अवधि के लिए परिवीक्षा पर रहेंगे और आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन के लिए तत्काल स्तर तीन का अपराध माना जाएगा और वह व्यक्ति स्वतः दो साल के लिए निलंबित हो जाएगा।

साथ ही समिति ने पंजाब नेशनल बैंक को तीन महीनों के लिए निलंबित करने की सिफारिश की है जिसकी समय सीमा 11 दिसंबर 2019 से लेकर 10 मार्च 2020 होगी।