नई दिल्ली। वनडे क्रिकेट के इतिहास में ये पांचवां मौका था जब टीम इंडिया को दस विकेट से हार का सामना करना पड़ा। आखिरी बार भारत को साल 2005 में इतनी बुरी तरह से कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार मिली थी। उसके 15 साल के बाद यानी 2020 में टीम इंडिया को दस विकेट से हार झेलनी पड़ी। टीम इंडिया को इतनी बुरी तरह से यानी दस विकेट से पहले हराने वाली टीम न्यूजीलैंड थी। कीवी टीम ने साल 1981 में पहली बार भारतीय टीम को दस विकेट से हराया था। भारत को दस विकेट से अब तक हराने वाली टीमों में न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया हैं। इनमें से दक्षिण अफ्रीका ने भारत को दो बार दस विकेट से हराया है। साउथ अफ्रीका ने साल 2000 और 2005 में ये कमाल किया था। ऑस्ट्रेलिया ने वनडे क्रिकेट में पहली बार भारत को दस विकेट से हराया। विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया को पहली बार वनडे क्रिकेट में दस विकेट से हार झेलनी पड़ी। तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत ने शायद ही ऐसी हार की कल्पना की होगी, लेकिन ऐसा हुआ और भारतीय टीम की पोल खुल गई। टीम इंडिया के लिए बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना भी सही फैसला साबित नहीं हुआ इसके अलावा भारतीय टीम के गेंदबाजों का प्रदर्शन भी साधारण रहा जो मैच में एक भी विकेट ले पाने में सफल नहीं रहे। हालांकि इस मैच में केएल राहुल और शिखर धवन भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, लेकिन इन दोनों के अलावा अन्य किसी भी बल्लेबाज ने कोई बड़ी पारी नहीं खेली। जसप्रीत बुमराह की अगुआई में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन भी फीका रहा। हालांकि विकेट कोहली ने कहा है कि सिर्फ के मैच को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है और वो अभी आगे और प्रयोग करते रहेंगे, लेकिन उनका ये प्रयोग टीम इंडिया पर भारी पड़ सकता है। अब सिर्फ दो मैच बचे हैं और भारतीय टीम को वनडे सीरीज जीतने के लिए दोनों ही मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी, लेकिन कंंगारू टीम ने जिस तरह का फॉर्म दिखाया है उससे भारत की राह अब आसान नहीं होगी।