भोपाल. साल 2018 में हुए मध्य प्रदेश चुनाव (Madhya Pradesh Election) में सीएम बनने का मौका गंवाने से निराश नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव (Gopal Bhargava) का एक नया बयान सामने आया है. इसमें उन्होंने कहा है कि यदि राज्य में कुछ विधायक इधर से उधर हो जाते हैं तो कमलनाथ सरकार कभी भी गिर सकती है. अपने होम टाउन सागर में एक रैली को संबोधित करते हुए भार्गव ने कहा, 'राज्य में 2018 के चुनाव में कांग्रेस (Congress) को 114 सीटें मिली थीं, जबकि BJP को 109. बतौर प्रतिपक्ष नेता मैं कह रहा हूं कि अगर चार से पांच विधायक इधर-उधर हो जाते हैं तो आपके क्षेत्र से ही कोई मुख्यमंत्री बन सकता है.

कमलानाथ के मंत्रियों पर भ्रष्टाचार का आरोप
भार्गव ने इस दौरान सीएम कमलनाथ के मंत्रियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का भी आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि वे अपनी सरकार के लंबे कार्यकाल को लेकर सुनिश्चित नहीं हैं. वे अच्छी तरह जानते हैं कि उनकी सरकार कुछ विधायकों द्वारा पक्ष बदल लेने पर कभी भी गिर सकती है.

'महत्‍वाकांक्षा उजागर'
वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने भार्गव की टिप्पणियों का मजाक उड़ाया और कहा कि उनकी आंतरिक आकांक्षाएं सार्वजनिक हो गई हैं. गुप्ता ने कहा, 'उन्हें यह समझने की जरूरत है कि कमलनाथ सरकार ने उन्हें तीन बार विधानसभा में उतारा है.'

सीएम कमलनाथ के बयान पर किया पलटवार
इससे पहले भी नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सीएम कमलनाथ के बजट वाले बयान पर पलटवार किया था. उन्होंने कहा था कि सीएम कमलनाथ को यदि आम बजट मायाजाल और हवाई सपने वाला लग रहा है तो मदद ही नहीं लें. उन्होंने कहा, 'हवाई बजट है तो हमें तो कुछ मिलना ही नहीं है. मध्‍य प्रदेश का जब बजट आए तो केंद्र से जो राशि मिलती है, उसका प्रावधान करते हैं तो सीएम कमलनाथजी और प्रदेश के वित्त मंत्री उस राशि का प्रावधान ही न करें, तभी मैं मानकर चलूंगा कि बजट शून्य है या बजट हवाई है.''हवाई सपने वाला बजट'
दरअसल, सीएम कमलनाथ ने बजट पर अपने रिएक्शन में कहा था कि केंद्रीय वित्त मंत्री का बजट भाषण आजाद भारत के इतिहास का सबसे लंबा भाषण जरूर था, लेकिन 2 घंटे 40 मिनट का यह भाषण सिर्फ आंकड़ों का मायाजाल साबित हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिहाज से आम बजट निराशाजनक और हवाई सपने दिखाने वाला है. गांव, गरीब, किसान, युवा, रोजगार, महिला सुरक्षा को लेकर बजट में कुछ नया नहीं है, साथ ही बेरोजगारी दूर करने और रोजगार देने का बजट में कोई जिक्र नहीं किया गया है.