नई ‎दिल्ली ।सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष पद और सैन्य मामलों से जुड़े विभाग (डीएमए) के सृजन से तीनों सेवाओं के बीच तालमेल बढ़ेगा। एक किताब के विमोचन के दौरान उन्होंने कहा कि 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध इस बात का गवाह है कि आपसी तालमेल और संयुक्त तरीके से बल क्या हासिल कर सकता है।  सेना प्रमुख ने कहा कि तालमेल और तीनों सेवाओं का एकीकरण सिर्फ मौके की बात नहीं है बल्कि यह कुछ है जिसका संस्थानीकरण किए जाने की जरूरत है। जनरल बिपिन रावत को पिछले साल दिसंबर में पहला प्रमुख रक्षा अध्यक्ष बनाया गया था।