राजपुरा: लॉकडाउन (Lockdown) के चलते अपने घरों की चारदीवारी में रहने को मजबूर लोगों को किसी तरह की कोई दिक्‍कत न हो, इसके लिए तमाम सरकारें पूरी शिद्ददत से काम कर रही हैं. सरकारों की कोशिश है कि लॉकडाउन के दौरान, किसी को किसी भी तरह के अभाव का सामना न करना पड़े. लिहाजा, राज्‍य सरकारों ने आम जनता से संवाद के लिए अधिकाधिक प्‍लेटफार्म उपलब्‍ध कराए हैं. इन प्‍लेटफार्म ने ह्वाट्स एप, ट्वीटर, फेसबुक और सरकार भी आधिकारिक वेबसाइट भी शामिल है. आपको यह जानकार हैरानी होगी कि संकट के इस काल में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्‍हें इन दिनों न केवल मस्‍खरी सूझ रही है, बल्कि वे प्रशासन को परेशान करने की तमाम कोशिशें कर रहे हैं.

गुरुवार को एक ऐसी ही कोशिश पंजाब के राजपुरा से देखने को मिली. दरअसल, बिहार मूल का संतोष राजपुरा (पंजाब) की प्री‍त कालोनी में रहता है. वह मूल रूप से बिहार के बैशाली जिले के अंतर्गत आने वाले विष्‍णुपुर गांव का रहने वाला है. वह कुछ समय पहले रोजगार की तलाश में बिहार से पंजाब चला गया था. फिलहाल वह पटियाला के राजपुरा कस्‍बे में मजदूरी का काम करता है. गुरुवार को संतोा ने मस्‍खरी में बिहार सरकार की वेबसाइट में लिख दिया कि वह 15 दिनों से भूखा है, पंजाब की सरकार उसकी मदद नहीं कर रही है, आप मेरी मदद करें. कुछ मिनटों के ही अंतराल में इस मैसेज को लेकर पटना में हड़कंप मच गया. तमाम आला अधिकारी बिहार मूल के संतोष की मदद के लिए सक्रिय हो गए.

पंजाब के डीजीपी से मांगी मदद

बिहार सरकार के आला अधिकारियों ने तत्‍काल पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्‍ता से फोन पर बात कर संतोष की मदद करने का अनुरोध किया. वहीं, पंजाब के डीजीपी ने संतोष की हर मदद का आश्‍वासन दिया. पंजाब पुलिस के महानिदेशक ने अपनी जिम्‍मेदारी समझते हुए तुरंत पटियाल के एसएसपी से बात की और जल्‍द से जल्‍द राहत सामग्री और राशन संतोष तक पहुंचाने के निर्देश दिए. वहीं पटियाला के एसएसपी ने डीएसपी राजपुरा और एसएचओ को व्‍यक्तिगत तौर पर मौके पर जाने और संतोष को हर आवश्‍यक मदद देने के निर्देश दिए. एसएसपी का आदेश मिलते ही डीएसपी राजपुरा और एसएचओ अपनी टीम के साथ संतोष के घर पहुंच गए और संतोष की तलाश शुरू कर दी.
घर में था 20 दिनों से अधिक का राशन

संतोष के घर पहुंची पुलिस की टीम वहां का नजारा देखकर दंग रह गई. दरअसल, 15 दिनों से भूखा होने का दावा करने वाले संतोष के घर में आटा, दाल, चावल सहित राशन की अन्‍य सामग्री मौजूद थी. संतोष के घर में इतना राशन मौजूद था कि एक परिवार 20 दिनों तक अपना पेट आसानी से भर ले. संतोष की यह हरकत देखकर पंजाब पुलिस के अधिकारियों का गुस्‍सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. संतोष को फटकार लगाते हुए उन्‍होंने वीडियो कॉल के जरिए बिहार सरकार के अधिकारियों को संजय के घर का हाल दिखाया. संतोष की इस हरकत की वजह से बिहार सरकार के अधिकारियों को भी शर्मिंदा होना पड़ा. आखिर में, संतोष के माफी मांगने पर पंजाब पुलिस ने उसे छोड़ दिया.