छपरा. सिवान में ओमान से आए एक शख्स से 23 लोगों के संक्रमित होने के मामले के सामने आने के बाद छपरा में संक्रमित इस शख्स की तारीफ हो रही है.  इसुआपुर प्रखंड के इस शख्स में संक्रमण पाया गया है हालांकि इसके परिवार और आसपास के तमाम लोग निगेटिव पाए गए तो इसके पीछे इस शख्स की दूरदर्शिता को कारण माना जा सकता है. दरअसल इस शख्स को लंदन से आने के दौरान यह आशंका थी कि उसे संक्रमण हो सकता है. जिसके बाद उसने तमाम तरह की एहतियात बरती और वह लगातार मास्क पहनकर स्वास्थ्यकर्मियों के संपर्क में रहा.

परिवार में भी खुद को आइसोलेट करके रखा

पटना आने के बाद भी उसने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से अधिकारियों से संपर्क किया. हालांकि उन्होंने पटना में उसकी मुकम्मल जांच नहीं की और उसे छपरा भेज दिया, लेकिन यहां आने के बाद भी वह अपने घर में होम आइसोलेशन में रहता था. उसने अपने खाने-पीने के बर्तन भी अलग कर लिए थे. पत्नी और बच्चों से भी वीडियो कॉल से बात करता था. जब उसे पॉजिटिव घोषित किया गया तो पूरा परिवार और गांव दहशत में आ गया, लेकिन जब गांव के लोगों की और परिवार की जांच की गई तो तमाम लोग निगेटिव निकले.

परिवार ही नहीं, गांव को भी सेफ रखा
जाहिर है कि इस शख्स की बुद्धिमानी के कारण ही उसका परिवार और गांव पूरी तरह सुरक्षित रहा. छपरा के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती इस मरीज के व्यवहार से स्वास्थ्यकर्मी भी काफी खुश हैं क्योंकि यह हर वक्त स्वास्थ्यकर्मियों को सहयोग करने के लिए तैयार रहता है. कोरोना पीड़ित यह शख्स अपने गांव की समस्याओं को लेकर काफी परेशान है हालांकि उसने लोगों से दुआ मांगने की गुजारिश की है ताकि वह जल्द से जल्द ठीक हो और अपने घर लौट सके.

सिविल सर्जन ने भी की शख्स की तारीफ

जिले के सिविल सर्जन माधवेश्वर झा भी मानते हैं कि इस शख्स के जागरूकता के कारण है इस महामारी को छपरा में फैलने से रोका जा सका क्योंकि अगर यह शख्स सतर्क नहीं रहता तो यह महामारी काफी तेजी से फैल जाती. इस मामले में खास बात यह है कि डॉक्टरों की तमाम सलाह को मानते हुए यह शख्स अब पॉजिटिव से निगेटिव हो गया है और एक दो जांच के बाद इसे जल्द ही अस्पताल से छुट्टी भी मिल जाएगी.