रांची. हिंदपीढ़ी के बड़ी मस्जिद से पकड़े गए 17 विदेशियों (Foreigners) समेत 18 लोगों पर जिला प्रशासन ने एफआईआर (FIR) दर्ज कराया है. इनपर आरोप है कि इनलोनों ने लॉकडाउन की घोषणा के बाद भी छिपकर धर्म प्रचार के काम में लगे रहे. इस मामले में इन्हें आश्रय देने वाले एक शख्स को भी आरोपी बनाया गया है. इन्हीं में से एक मलेशियाई महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई. वह झारखंड का पहला कोरोना मरीज है. फिलहाल इस महिला का रिम्स में इलाज जारी है. उसकी दूसरी सैंपल जांच भी पॉजिटिव आई है. बाकी विदेशी नागरिकों को खेलगांव स्थित क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है.

हिंदपीढ़ी थाने में केस दर्ज

हिंदपीढ़ी थाने के सबइंस्पेक्टर बाजो रजक के आवेदन पर इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. दरअसल 30 मार्च काे हिंदपीढ़ी के बड़ी मस्जिद और मदीना मस्जिद में चार विदेशी महिला सहित 13 विदेशियों के ठहरने की सूचना पुलिस-प्रशासन को मिली. इस सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों मस्जिद से 17 विदेशियों को कब्जे में लेकर खेलगांव स्थित क्वारंटाइन सेंटर में भेज दिया. पुलिस के मुताबिक, ये लोग दिल्ली के निजामुद्​दीन मरकज की तबलीगी जमात में शामिल होकर सभी रांची आए. और हिंदपीढ़ी स्थित बड़ी मस्जिद में रहकर धार्मिक प्रचार कर रहे थे. ये सभी विदेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर भारत पहुंचे हैं.

बुंडू से पकड़ाये विदेशी मौलवियों पर भी केस 
उधर, जमशेदपुर के घाटशिला के मुसाबनी प्रखंड में सीटीसी कंस्टेबल ट्रेनिंग सेन्टर स्थित क्वारंटाइन सेन्टर में रह रहे 11 विदेशी मौलवियों पर भी जादूगोड़ा थाने में केस दर्ज किया गया है. ये सभी चीन, किर्गिस्तान और काजिकिस्तान के रहने वाले हैं. और टूरिस्ट वीजा पर भारत आए हैं. यहां तबलीगी जमात के लिए काम कर रहे थे. पुलिस ने इन विदेशी नागरिकों के अलावा जमशेदपुर के दो शख्स के खिलाफ भी इन्हें सहयोग करने के आरोप में मामला दर्ज किया है. इन 11 विदेशी मौलवियों को रांची के तमाड़ के बुंडू स्थित एक मस्जिद से हिरासत में लिया गया था.