चाईबासा. पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा (Madhu Koda) के लिए खेत और खेती कोई नहीं बात नहीं है. जब भी उन्हें समय मिलता है, वे हल और कुदाल लेकर खेत पहुंच जाते हैं. कोरोना को लेकर जारी लॉकडाउन (Lockdown) में पूरा देश घरों में सिमटा हुआ है. ऐसे में पूर्व सीएम मधु कोड़ा अपनी सांसद पत्नी गीता कोड़ा और तीन बच्चों के साथ अपने पैतृक गांव जगन्नाथपुर के पाताहातू में रह रहे हैं. लेकिन आराम करने के बदले इनदिनों वे सुबह उठकर कुदाल लेकर खेत पहुंच जाते हैं.

सब्जियां उगा रहे हैं पूर्व सीएम 

पूर्व सीएम मधु कोड़ा अपने आवासीय परिसर के ठीक बगल वाले खेतों में इनदिनों सब्जी की खेती कर रहे हैं. खेतों में वे भिंडी, खीरा, परवल, लौकी, बीन्स, टमाटर, मिर्च और धनिया जैसी सब्जियां उगा रहे हैं. पूर्व सीएम खुद कुदाल और गैंता से सब्जियों की क्यारियां बनाते हैं. ताकि खेत में नमी बनी रहे. ये रोज का उनका काम है.

खेत में काम करने के दौरान पूर्व सीएम ने न्यूज-18 से बातचीत में सभी लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील की. उन्होंने पीएम मोदी के वाक्य को दोहराते हुए कहा कि जान है, तो जहान हैं. जब लोग जीवित रहेंगे, तो ही अपने परिवार, समाज और देश के काम आ सकेंगे. इसलिए सुरक्षा पहले है.
खेती से मिलती है मानसिक शांति

पूर्व सीएम ने कहा कि इसलिए वे शहर छोड गांव आ गए हैं और खाली समय में खेती में जुट गए हैं. इससे शाररिक मजबूती तो मिलती ही है, मानसिक रूप से शांति भी मिलती है. शरीर और मन स्वस्थ्य रहने से बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ती है. और कोरोना जैसे बीमारी कुछ बिगाड़ नहीं सकती.

सांसद पत्नी का भी मिल रहा साथ

पूर्व सीएम मधु कोड़ा को खेती करने में उनकी सांसद पत्नी गीता कोड़ा भी मदद कर रही हैं. सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि पूर्व सीएम खेती कर अन्नदाताओं के लिए एक संदेश दे रहे हैं. लॉकडाउन में खेती रूक जाएगी, तो फिर आगे अन्न का संकट हो जाएगा. सांसद ने कहा कि अब खेती का समय शुरू हो गया है. ऐसे में सरकारों को किसानों पर ध्यान देना चाहिए, नहीं तो देश को काफी नुकसान उठाना पड़ा सकता है.