मामला चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में जाने का
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में बीजेपी और ममता बनर्जी की पार्टी का झगड़ा थामने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर भाजपा और टीएमसी आमने-सामने हो गई है। ताजा मामला पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष के काफिले तूफान से प्रभावित इलाकों का दौरा करने से रोकने का है। दिलीप घोष को पूर्वी कोलाकाता के धलाई ब्रिज पर रोका गया है। घोष दक्षिण 24 गरगना के गोसाबा जा रहे थे।
बता दें कि कल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी के आग्रह को स्वीकार करते हुए चक्रवात अम्फान प्रभावित पश्चिम बंगाल का दौरा किया था और राज्य को एक हजार करोड़ रुपये की अंतरिम मदद देने की घोषणा की थी। राहत की घोषणा को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि पीएम मोदी ने एक हजार करोड़ के इमरजेंसी फंड का एलान किया है लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह एडवांस है या पैकेज है।
ममता ने कहा कि वह (पीएम मोदी) बाद में इस पर फैसला लेंगे। उन्होंने कहा है कि यह एडवांस (अग्रिम) भी हो सकता है। मैंने उनसे कहा कि आप जो भी फैसला करें, हम आपको डिटेल्स (पोस्ट साइक्लोन) दे देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बशीरहाट में प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा करने और एक समीक्षा बैठक करने के बाद ममता ने कहा कि संकट की इस घड़ी में एक साथ काम करने की जरूरत है। बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राज्य में चक्रवात के बाद पैदा हुई स्थिति के बारे में भी जानकारी दी।  चक्रवात की चपेट में आने से अभी तक राज्य में कम से कम 77 लोगों की जान जा चुकी है। उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर, कोलकाता, हावड़ा और हुगली जिलों में बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।