एसडीओपी जतारा के प्रयासों से पुनः एक टूटे हुए परिवार को जोड़ा गया

 टीकमगढ़
पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री रोहित काशवानी के द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि जिन महिला संबंधित अपराधों में महिलाएं किसी घटना या प्रताड़ना की शिकार हुई है उन मामलो मे अविलंब त्वरित कार्यवाही कर प्रकरण का त्वरित निराकरण करने के साथ ही पति/ पत्नी के पारिवारिक मामलो मे काउंसलिंग के माध्यम से अधिक से अधिक शिकायतों का निराकरण कर टूटे हुए परिवार को जोड़ने की दिशा मे काम किया जाए।
इसी तारतम्य में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जतारा श्री अभिषेक गौतम के द्वारा आज दिनांक 14/05/23 को कार्यालय स्टाफ के साथ एक दम्पत्ति के टूटे हुए परिवार को काउंसलिंग के माध्यम से फिर जोड़ा गया है।

आवेदिका ने अनावेदक पति के विरुद्ध अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जतारा कार्यालय में शिकायत की थी कि अनावेदक पति के साथ उसका विवाह लगभग 8 वर्ष पूर्व संपन्न हुआ थाl सामर्थ्य अनुसार  शादी में दान दहेज देकर विदा किया था, किंतु ससुराल वाले उसके साथ दहेज को लेकर मारपीट करते थे, पत्नी को अपने साथ नहीं रखते हैं एवं पति बच्चों का भरण-पोषण नहीं करता है। यहाँ तक की आवेदिका ने आवेदन में अपने पति से परेशान होकर तलाक दिलवाए जाने का निवेदन किया था। उक्त शिकायत को गंभीरता से लेकर दोनो पक्षो की काउंसलिंग की गई जिसके फलस्वरूप अनावेदक (पति) ने आवेदिका व उसके बच्चो की जिम्मेदारी अच्छे से उठाने का वादा किया l

 इस तरह काउंसलिंग से दोनो पक्षो मे आपसी सुलह हुई और पुनः एक बार एक परिवार को बिखरने से  बचाया जा सका। और दोनो पक्ष खुशी-खुशी एक दूसरे के साथ फिर से एक नई शुरुआत करने को तैयार हुए एक दूसरे के साथ रहने का वादा करते हुए आवेदिका अपने पति के साथ जाने को तैयार हुई इसके बाद आवेदक / अनावेदक ने एक-दूसरे को फूल माला पहनाई इस दौरान आवेदिका के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई और आवेदिका ने कार्यालय स्टाफ को उसका रिश्ता एवं परिवार टूटने से बचाने के लिए धन्यवाद दिया और दोनो पक्ष खुशी खुशी एक दूसरे के साथ रवाना हुए ।। इस कार्यवाही मे एसडीओपी जतारा, प्रधान आरक्षक कमलेश सोनी, प्रधान आरक्षक भानसिंह दाँगी, आरक्षक संतोष दीक्षित, आरक्षक अरविंद सेन, आरक्षक नरोत्तम शर्मा, आरक्षक सौरभ मिश्रा का योगदान रहा l

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