मुख्यमंत्री चौहान के दिल से निकली लाड़ली बहना योजना बहनों के दिल में बसी

योजना में पंजीयन के प्रति दिख रहा है अपार उत्साह
अब तक एक करोड़ 14 लाख से ज्यादा बहनों ने कराया पंजीयन

भोपाल

       मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दिल से निकली लाड़ली बहना योजना प्रदेश की सभी बहनों के दिल में समा गई है। बहनों में योजना के प्रति अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। आज दिनांक तक योजना में एक करोड़ 14 लाख 39 हजार 165 महिलाएँ योजना में अपना पंजीयन करा चुकी हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने बेटियों को वरदान बनाने वाली लाड़ली लक्ष्मी योजना के बाद अपनी बहनों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिये 5 मार्च 2023 को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना लाँच की। यह योजना प्रदेश की बहनों को इस तरह भायी कि लगभग सवा माह की अल्प अवधि में ही पंजीयन की संख्या एक करोड़ के पार पहुँच गई। बहनों के पंजीयन की कार्यवाही 30 अप्रैल तक जारी रहेगी। मुख्यमंत्री स्वयं योजना की जानकारी देने के लिये प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिला महासम्मेलन कर बहनों से रू-ब-रू होकर संवाद कर रहे हैं।

       मुख्यमंत्री चौहान की सजगता और संवेदनशील सोच से उपजी लाड़ली बहना योजना में अब तक भोपाल संभाग के भोपाल जिले में 2 लाख 71 हजार 38, रायसेन जिले में 2 लाख 25 हजार 139, राजगढ़ जिले में 2 लाख 58 हजार 142, सीहोर जिले में 2 लाख 20 हजार 606 और विदिशा जिले में 2 लाख 52 हजार 989 आवेदन हो चुके हैं। चम्बल संभाग के भिण्ड जिले में 2 लाख 51 हजार 647, मुरैना जिले में 3 लाख 4 हजार 35 और श्योपुर जिले में 99 हजार 205 आवेदन हुए हैं। ग्वालियर संभाग के ग्वालियर जिले में 2 लाख 82 हजार 940, अशोकनगर में एक लाख 38 हजार 684, दतिया में एक लाख 30 हजार 933, गुना में 2 लाख 10 हजार 684 और शिवपुरी जिले में 2 लाख 59 हजार 306 आवेदन बहनें भर चुकी हैं।

       नर्मदापुरम संभाग के नर्मदापुरम जिले में एक लाख 86 हजार 158, बैतूल में 2 लाख 44 हजार 692, हरदा जिले में 81 हजार 322 आवेदन आये हैं। इंदौर संभाग के इंदौर जिले में 4 लाख 2 हजार 362, अलीराजपुर में एक लाख 19 हजार 138, बड़वानी में 2 लाख 19 हजार 94, बुरहानपुर में एक लाख 16 हजार 939, धार में 3 लाख 58 हजार 982, झाबुआ में एक लाख 82 हजार 430, खण्डवा में एक लाख 96 हजार 953 और खरगोन जिले में 2 लाख 84 हजार 199 प्राप्त हुए हैं। जबलपुर संभाग के जबलपुर जिले में 3 लाख 42 हजार 982, बालाघाट में 3 लाख 27 हजार 600, छिंदवाड़ा में 3 लाख 60 हजार 56, डिण्डोरी में एक लाख 21 हजार 986, कटनी में 2 लाख 26 हजार 729, मण्डला में एक लाख 80 हजार 577, नरसिंहपुर में एक लाख 94 हजार 128 और सिवनी जिले में 2 लाख 46 हजार 363 बहनों ने आवेदन किये। रीवा संभाग के रीवा जिले में 3 लाख 52 हजार 782, सतना में 3 लाख 33 हजार 955, सीधी में एक लाख 87 हजार 977 और सिंगरौली जिले में एक लाख 74 हजार 891 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

       सागर संभाग के सागर जिले में 3 लाख 69 हजार 165, छतरपुर में 2 लाख 82 हजार 931, दमोह में 2 लाख 14 हजार 612, निवाड़ी में 71 हजार 461, पन्ना में एक लाख 58 हजार 48 और टीकमगढ़ जिले में एक लाख 82 हजार 480 आवेदनों का पंजीयन हुआ है। शहडोल संभाग के शहडोल जिले में एक लाख 74 हजार 126, अनूपपुर जिले में एक लाख 19 हजार  599 और उमरिया जिले में 99 हजार 441 आवेदन प्राप्त हुए। उज्जैन संभाग के उज्जैन जिले में 3 लाख 11 हजार 122, आगर-मालवा में एक लाख 3 हजार 463, देवास में 2 लाख 54 हजार 542, मंदसौर में 2 लाख 33 हजार 326, नीमच में एक लाख 39 हजार 141, रतलाम में 2 लाख 31 हजार 327 और शाजापुर जिले में एक लाख 46 हजार 738 बहनों ने योजना में पंजीयन कराया है।

योजना में पात्रता

       योजना में 23 से 60 वर्ष तक के ऐसे परिवार जो आयकर दाता नहीं है, की महिलाएँ, परिवार में 5 एकड़ से कम भूमि और घर में फोर व्हीलर वाहन नहीं है, को योजना में पात्र माना गया है। पंजीयन प्रक्रिया में प्रत्येक आवेदक का ई-केवायसी अनिवार्य किया गया है। इसके लिये राज्य शासन द्वारा नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। निर्धारित अवधि में प्राप्त सभी आवेदनों का मई माह में परीक्षण किया जायेगा और 10 जून से पात्र पायी गयी हितग्राही बहनों के खातों में एक-एक हजार रूपये आना शुरू हो जायेंगे।

 

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