कृषि विविधीकरण के लिए विशेष प्रयास करें – कलेक्टर

कलेक्टर ने कृषि तथा संबंधित विभागों की समीक्षा की

रीवा
कलेक्ट्रेट के बाणसागर सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कृषि उत्पादन आयुक्त की समीक्षा बैठक से जुड़े विभागों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि शासन किसानों की आय दुगना करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसके लिए कई अभिनव प्रयोग किये गये हैं। किसानों को जैविक खेती से जोड़कर खेती की लागत कम करने के प्रयास करें। कृषि विविधीकरण के लिए विशेष प्रयास करें। जिले में पिछले वर्ष की तुलना में धान और गेंहू के बोये गये क्षेत्र में कमी आयी है। किसानों को सरसों, मूंग, उड़द, अरहर, कोदौ, मक्का, ज्वार जैसी फसलों के लिए प्रोत्साहित करें। इससे जैविक खेती, प्राकृतिक खेती तथा कृषि विविधीकरण तीनों के उद्देश्य पूरे होंगे। किसानों को सब्जी, फल, फूल तथा मसालों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित करें।

कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी कृषि उत्पादन आयुक्त महोदय की समीक्षा बैठक के निर्धारित एजेण्डा बिन्दुओं की पूरी जानकारी प्रस्तुत करें। उप संचालक कृषि खाद्य, बीज और कीटनाशकों के लक्ष्य के अनुसार नमूने लेकर उनकी जांच करायें। इसमें लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करें। उप संचालक कृषि पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण करायें। इसके लिए सभी विकासखण्डों में शिविर लगाकर पशुओं का टीकाकरण करें। पशुपालकों के बैंकों में लंबित किसान क्रेडिट कार्ड के प्रकरणों का निराकरण करायें। अग्रणी बैंक प्रबंधक किसान क्रेडिट कार्ड के सभी प्रकरण 23 मई तक निराकरण करके प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। एक जिला एक उत्पाद योजना में सुंदरजा आम, हल्दी तथा बांस उत्पादन को लिया गया है। सहायक संचालक उद्यानिकी सुंदरजा आम का क्षेत्र बढ़ाने के लिए प्रयास करें। बैठक में सहायक संचालक ने बताया कि इस वर्ष सुंदरजा आम के 35 हजार पौधे जिले की 7 नर्सरी में तैयार किये जा रहे हैं अब तक 16 हजार पौधे तैयार हो गये हैं। इनका जिलेभर में रोपण कराया जायेगा। सुंदरजा आम को हाल ही में जिओ टैगिंग प्राप्त हुई है। अब इसका विदेशों में भी निर्यात किया जा सकेगा। कई किसान सुंदरजा आम की आनलाइन विक्री कर रहे हैं।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले में आगामी फसल के लिए 66.88 टन यूरिया तथा 4256 टन डीएपी सहकारी समितियों में उपलब्ध है। उप संचालक कृषि किसानों का प्रचार प्रसार कराकर इसका अग्रिम उठाव करायें। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। बैठक में कलेक्टर ने पशुओं के टीकाकरण, खाद-बीज की उपलब्धता, बीजों के प्रमाणीकरण, कृषि यंत्रीकरण, मोटे अनाजों के उत्पादन, गौशालाओं से अतिक्रमण हटाने तथा कृषि ऋण की वसूली के संबंध में अधिकारी को निर्देश दिये। बैठक में अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री, उप संचालक पशुपालन डॉ. राजेश मिश्रा, जिला महाप्रबंधक सहकारी बैठक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय, प्रभारी उप संचालक कृषि एसडी सिंह, तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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