आखिरकार मुरैना हत्याकांड की मास्टरमाइंड पुष्पा को पुलिस ने किया गिरफ्तार

 मुरैना.

 कहते हैं कि पूत कपूत हो सकता है लेकिन माता कुमाता नहीं हो सकती है। मां अपने बच्चे को हमेशा सदमार्ग पर चलने की शिक्षा देती है और उसका भविष्य संवारती है। चंबल के मुरैना जिले के लेपा गांव की एक मां ने अपने बेटे का भविष्य सुधारने की बजाए उसे कातिल बना दिया। इस महिला ने अपने पति की हत्या का बदला लेने के लिए अपने बेटे के हाथों में बंदूक थमा दी। एक-एक करके अपने बेटे के हाथों से 6 लोगों की हत्या करवा दी। अब इस महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

मुरैना के लेपा गांव में शुक्रवार को 6 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सभी आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। बाकी बचे 7 फरार आरोपियों पर पुलिस ने इनाम राशि बढ़ाकर 30-30 हजार रुपए कर दी है।

हत्याकांड के ये आरोपी अभी फरार

हत्याकांड में शामिल भूपेंद्र पुत्र सोवरन सिंह तोमर, अजीत पुत्र वीरभान सिंह तोमर, सोनू पुत्र वीरभान सिंह तोमर, श्यामू पुत्र धीर सिंह तोमर, मोनू पुत्र धीर सिंह तोमर, रामू पुत्र धीर सिंह तोमर और गौरव पुत्र सूरजभान सिंह तोमर फरार हैं। चंबल महानिरीक्षक सुशांत कुमार सक्सेना सभी पर इनाम राशि बढ़ा दी है।

 

दरअसल, मुरैना जिले के लेपा गांव में दो दिन पहले जघन्य हत्याकांड हुआ था। लेपा गांव में 8 लोगों को गोली मार दी गई थी। इस वारदात में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और 3 महिलाओं ने जिला अस्पताल पहुंचकर दम तोड़ दिया था। वारदात के पीछे की वजह पुरानी रंजिश बताई गई थी और पुरानी रंजिश के चलते ही छह लोगों की हत्या कर दी गई थी।

2013 में हुए थे दो कत्ल

साल 2013 में लेपा गांव में कचरा डालने को लेकर गजेंद्र सिंह और धीर सिंह के परिवार के बीच विवाद हुआ था। इस विवाद के दौरान वीरभान और सोवरन नाम के दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद गजेंद्र सिंह का परिवार गांव छोड़कर चला गया था। 10 साल बाद जब यह परिवार धीर सिंह के परिवार से समझौता हो जाने के बाद अपने गांव लौटा। यहां पर धीर सिंह के परिवार वालों ने 8 लोगों को गोली मार दी, जिनमें से 6 लोगों की मौत हो गई।

वीरभान की पत्नी ने अपने बेटे के हाथ में दी बंदूक

लेपा गांव में हुए हत्याकांड का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यह वीडियो गजेंद्र सिंह के परिवार की ही रंजना नाम की लड़की ने अपने मोबाइल से बनाया था। इस वीडियो में दिखाई दे रहा कि एक लड़का एक महिला के कहने पर एक-एक करके लोगों को गोली मारता जा रहा है। गोली मारने वाले लड़के का नाम अजीत है और हरी साड़ी पहनकर जो महिला गोली मारने के लिए अजीत को कह रही थी कि वह अजीत की मां पुष्पा देवी है। पुष्पा देवी के पति वीरभान का कत्ल 2013 में हुआ था और अपने पति की हत्या का बदला लेने के लिए पुष्पा देवी ने अपने बेटे अजीत के हाथों में बंदूक थमा दी।

बेटे को बताया किसे मारनी है गोली

पति की हत्या के प्रतिशोध की आग में जल रही पुष्पा देवी ने अपने ही बेटे को कातिल बना दिया। पुष्पा देवी ने अपने बेटे अजीत के हाथों में बंदूक थमा दी। उसके साथ खड़े होकर अपने बेटे अजीत को एक-एक करके बताया कि किस किस को गोली मारना है। अजीत गोली चला रहा था और पुष्पा देवी कारतूस बटोर रही थी। इसके साथ ही पुष्पा देवी अपने बेटे को कारतूस भी दे रही थी। निडर होकर दबंगई भरे अंदाज में पुष्पा देवी ने अपने बेटे अजीत के हाथों अपने दुश्मनों पर गोली चलवाई।

पुष्पा देवी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

अपने बेटे के हाथों छह लोगों का कत्ल करवाने के बाद पुष्पा देवी फरार हो गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने फरार सभी आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया था। पुलिस ने धीर सिंह और रज्जो देवी नाम के दो आरोपियों को तो पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। अब पुलिस ने पुष्पा देवी को भी गिरफ्तार कर लिया है।

2013 में कचरा फेंकने से शुरू हुआ विवाद

लेपा गांव बागी पानसिंह तोमर के भिड़ौसा गांव से सटा है। यहां 10 साल पहले दोनों पक्षों में कचरा फेंकने को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद में आरोपी पक्ष के दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। अब इसका बदला 6 लोगों के खून से लिया गया। शुक्रवार को ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। एक के बाद एक 6 लाशें बिछ गईं। 10 दिन पहले दोनों पक्षों में समझौता भी हुआ था। भरोसा करके गांव छोड़ चुका परिवार 10 साल बाद गांव लौटा। उस पर धोखे से हमला कर दिया गया। 3 पुरुष और 3 महिलाएं की मौत हो गई है। सभी एक ही परिवार के हैं। 3 लोग घायल हैं।

पीड़ित परिवार के बारे में जानते हैं …

गजेंद्र सिंह तोमर के परिवार में कुल 29 सदस्य थे। शुक्रवार को 6 सदस्यों की हत्या के बाद घर में मातम का माहौल है। गजेंद्र सिंह तोमर के 6 बेटे हैं। इनमें वीरेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, संजू सिंह, राकेश सिंह, सुनील सिंह, सत्यप्रकाश सिंह। वीरेंद्र सिंह के तीन बेटियां, एक लड़का, नरेंद्र सिंह के तीन बेटी, एक बेटा, संजू के दो बेटा-बेटी, राकेश के तीन बेटी, एक बेटा, सुनील को एक बेटी है। सबसे छोटे सत्यप्रकाश सिंह का पत्नी से विवाद चल रहा है, इस वजह से उसकी पत्नी मायके में रहती है। इस तरह से गजेंद्र सिंह के परिवार में उनकी पत्नी के साथ 6 बेटे, 6 बहुएं, वीरेंद्र के चार बच्चे, नरेंद्र के चार बच्चे, संजीव के दो बच्चे, राकेश के चार और सुनील की एक बेटी कुल 29 लोग हैं। इनमें से 6 लोगों की हत्या हो गई। परिवार में अब 23 सदस्य हैं।

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